स्टेट इलेक्शन कमीशन डीसी के रवैये से नाराज।
हिमाचल प्रदेश में ज्यादातर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं DC और उपमंडलाधिकारी (SDM) ने वोटर लिस्ट को नोटिफाई नहीं किया। DC-SDM को हाईकोर्ट और स्टेट इलेक्शन कमीशन के आदेशों की भी परवाह नहीं है। इसे हाईकोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना माना जा रहा है,क्योंकि अद
बता दें कि 20 जनवरी को स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसमें 30 जनवरी तक फॉर्म 15 और फॉर्म 17 नोटिफाई करने को कहा गया, ताकि वोटर लिस्ट की प्रिंटिंग का काम शुरू किया जा सके। मगर ज्यादातर DC और SDM ने ऐसा नहीं किया।
3 जिलों के DC ने नोटिफाई किया फॉर्म 15
स्टेट इलेक्शन कमीशन के अनुसार- शाम 4 बजे तक शिमला, चंबा और लाहौल स्पीति के DC ने ही फॉर्म 15 और लगभग 20 SDM ने फॉर्म 17 को नोटिफाई किया है। लगभग 45 SDM और 9 जिलों के DC ने इलेक्शन कमीशन के आदेशों की अनुपालना नहीं की।
वोटर लिस्ट प्रिंटिंग से पहले फॉर्म-15 व 17 नोटिफाई अनिवार्य
बता दें, पंचायतों की वोटर लिस्ट DC को नोटिफाई करनी होती है, जबकि शहरी निकायों की वोटर लिस्ट SDM नोटिफाई करते हैं। बीते नवंबर माह में भी DC-SDM ने इलेक्शन कमीशन के आदेशों की अनुपालना नहीं की थी, जबकि वोटर लिस्ट की प्रिंटिंग को फॉर्म-15 व 17 नोटिफाई जरूरी है।
हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने के आदेश दे रखे
बीते नवंबर में सरकार और DC के रवैये को देखते हुए एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली। इस पर हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेशों पर ही इलेक्शन कमीशन ने सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी।
DC-SDM से कमीशन नाराज
DC-SDM के रवैये से इलेक्शन कमीशन नाराज है, क्योंकि जब तक वोटर लिस्ट नोटिफाई नहीं हो जाती तब तक इनकी प्रिंटिंग का काम शुरू नहीं हो सकता है। पहले भी DC के रवैये ही इलेक्शन कमीशन राज्यपाल शिव प्रताप शुल्क से शिकायत कर चुका है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.