पिपली। ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कोहरे के बीच शीतलहर भी अपना असर दिखा रही है जिससे आमजन के साथ-साथ जीव जंतु भी बेहाल होने लगे हैं। ऐसे में पिपली स्थित मिनी चिड़ियाघर में भी जीव जंतुओं को बचाने के लिए प्रयास किए गए हैं। इनके न केवल आहार में बदलाव किया गया है बल्कि बाड़ों की जालियां भी ढकी गई हैं। शाकाहारी जीव जंतुओं में गुड़, मूंगफली व शक्करगंदी खिलाकर भी गर्माहट लाई जा रही है। वहीं शेर व पैंथर के बाड़े में हीटर लगाए गए हैं। सांभर व ब्लैकबक के लिए हटें बनाई गई है। शेर व पेंथर के लिए लकड़ी के तख्तों पर पराली को डाला गया है।
यह चिड़ियाघर हमेशा ही पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र बना रहा है लेकिन बढ़ती ठंड के चलते पर्यटकों की संख्या 200 से 300 तक घट गई है। सामान्य दिनों में औसतन 800 पर्यटक यहां पहुंचते रहे हैं। 1982 से स्थित चिड़ियाघर 27 एकड़ के क्षेत्र में फैला है। प्रदेशभर से स्कूलों से बच्चों से लेकर अन्य लोग भी दूर-दराज से यहां पर्यटक के तौर पर पहुंचते रहे हैं। वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के मुताबिक आठ वर्षीय शिवा (शेर) को भिवानी से 2024 में पिपली चिड़ियाघर में लाया गया था जबकि 13 वर्षीय शेरनी साक्षी को गुजरात से 2015 में लाया गया था।
वे बताते हैं कि साक्षी रोहतक, भिवानी व छत्तीसगढ़ में भी रह चुकी हैं। प्रतिदिन एक व्यस्क शेर 10 किलोग्राम मांस प्रतिदिन खाता है। मंगलवार को किसी भी मांसाहारी जीव जंतुओं को मांस नहीं दिया जाता। नर पैन्थर ( रवि) व मादा पैंथर (रीना) भी काफी पर्यटकों के लिए यहां आकर्षक का केंद्र बने रहते हैं। चिड़ियाघर में 73 प्रकार के जानवर रखे गए हैं।
चिड़ियाघर में ये हैं जीव जंतु
एशियाई शेर, ब्लैकबक, हनुमान लंगूर, चीतल (चित्तीदार हिरण), भारतीय तेंदुआ, हाइना, जैकाल, पीफॉवल, लाल जंगल फाउल, हिंडो, घड़ियाल, मगरमच्छ, सांभर।
वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार का कहना है कि सोमवार को पीपली चिड़ियाघर बंद रहता है। चिड़ियाघर का समय सर्दियों में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे व गर्मियों में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होता है। गर्मियों में 800 से 1000 व सर्दियों में 500 से 600 लोग प्रतिदिन चिड़ियाघर में पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि अगर वार्षिक आंकड़ा लगाया जाए तो 800 लोगों की औसत आती है। उन्होंने बताया कि बच्चे की टिकट 20 रुपये व व्यस्क की टिकट 30 रुपये रखी गई है।
पिपली। शेर के बाड़े में लगे हीटर व पर्दे। संवाद
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