पाइल्स को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम
लोकल 18 से बातचीत में डॉ. राजकुमार (D.U.M) बताते हैं कि पाइल्स या बवासीर में मलद्वार की नसों में सूजन आ जाती है. इससे बैठने पर दबाव महसूस होता है, मल त्याग के दौरान खून निकल सकता है और असहजता बढ़ जाती है. लोग इसे सबसे आम बीमारी मानकर हर दर्द को पाइल्स समझ लेते हैं. जबकि फिशर और फिस्टुला की शुरुआती समस्या भी इसी तरह दिखती है, जिससे लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं.
फिशर क्या है और कैसे पहचानें?
फिशर मलद्वार की त्वचा में एक छोटी सी दरार होती है. यह दरार मल त्याग के दौरान तीखा और चुभन भरा दर्द पैदा करती है. कई बार जलन इतनी बढ़ जाती है कि मरीज बैठ भी नहीं पाता.
पाइल्स में दर्द होता है, लेकिन फिशर का दर्द अचानक बढ़ता है और लंबे समय तक बना रहता है. यही सबसे बड़ा अंतर है जिसे लोग आमतौर पर समझ नहीं पाते.
लोग क्यों करते हैं सबसे बड़ी गलती
अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को हल्के में लेकर बिना जांच करवाए घरेलू उपाय या क्रीम का सहारा लेते हैं. इससे असली बीमारी छिप जाती है और समय के साथ हालत बिगड़ती जाती है. डिजिटल दौर में जानकारी तो बहुत है, लेकिन सही जानकारी और सही पहचान ही इन बीमारियों से बचने का उपाय है.
पाइल्स में दर्द हल्का होता है और खून आने की संभावना अधिक रहती है. फिशर में दर्द मल त्याग के तुरंत बाद बढ़ता है. वहीं फिस्टुला में छिद्र से मवाद निकल सकता है और परेशानी लगातार बनी रहती है.
यदि इन संकेतों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें तो मरीज जल्दी ठीक हो सकता है. लेकिन शर्म, झिझक या डर की वजह से लोग डॉक्टर के पास जाने में देर कर देते हैं और यही देरी बीमारी को और जटिल बना देती है.
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