Omega 3 क्यों है जरूरी
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित कायाकल्प हर्बल क्लीनिक के डॉ राजकुमार (आयुष)ने बताया कि Omega-3 फैटी एसिड मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, ALA, EPA और DHA. ALA अधिकतर प्लांट बेस्ड फूड्स में पाया जाता है, जबकि EPA और DHA समुद्री खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. दिल की सेहत की बात करें तो Omega-3 खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है.
दिमाग के लिए Omega-3 बूस्टर
दिमाग के लिए Omega-3 किसी बूस्टर की तरह काम करता है. DHA दिमाग की कोशिकाओं का एक अहम हिस्सा होता है, जो मेमोरी, फोकस और लर्निंग पावर को मजबूत बनाता है. नियमित रूप से Omega-3 लेने से याददाश्त तेज होती है और उम्र के साथ होने वाली मानसिक कमजोरी का खतरा कम होता है. Omega-3 तनाव और एंग्जायटी को कम करने में भी सहायक है, जिससे मूड बेहतर रहता है और डिप्रेशन के लक्षणों में कमी आ सकती है.
कई रोगों पर है रामबाण
Omega-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने वाले गुणों से भी भरपूर होता है. यह शरीर में होने वाली क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को कम करता है, जो कई गंभीर बीमारियों की जड़ मानी जाती है. जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों की अकड़न में भी इसका सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके अलावा यह आंखों की रोशनी के लिए भी जरूरी माना जाता है, खासकर बढ़ती उम्र में होने वाली आंखों की समस्याओं से बचाव में मदद करता है.
किन चीजों में पाए जाते हैं ओमेगा 3
अगर बात करें Omega-3 से भरपूर सुपरफूड्स की, तो इसमें अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट, सोयाबीन, मछली जैसे सैल्मन, सार्डिन और टूना शामिल हैं. शाकाहारी लोगों के लिए अलसी और चिया सीड्स बेहतरीन विकल्प हैं, जबकि नॉन-वेजिटेरियन लोग मछली से आसानी से EPA और DHA प्राप्त कर सकते हैं. रोजाना सीमित मात्रा में इन सुपरफूड्स को डाइट में शामिल करने से शरीर को लंबे समय तक फायदा मिलता है.
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