यूजीसी रिफॉर्म बिल 2026 को लेकर देशभर में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सामान्य वर्ग और विभिन्न छात्र संगठनों की आपत्तियों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अहम फैसला सुनाते हुए बिल में बदलाव के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई तक इसके अमल पर रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा
इस पूरे विवाद में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने यूजीसी रिफॉर्म बिल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वर्ष 2012 के यूजीसी कानून में इस तरह की छेड़छाड़ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री के अनुसार यह कदम शिक्षा व्यवस्था में अनावश्यक असमंजस पैदा कर रहा है।
भाजपा पर ‘डिवाइड एंड रूल’ का आरोप
इरफान अंसारी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति समाज को जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर बांटने वाली रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे, फिर बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों को उछाला गया और अब यूजीसी रिफॉर्म बिल के जरिए विद्यार्थियों के बीच खटास पैदा की जा रही है। उनके अनुसार यह बिल भाजपा की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को दर्शाता है।
कांग्रेस और भाजपा की राजनीति पर टिप्पणी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करती है, जबकि भाजपा समाज में दरार पैदा करने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए छात्रों को भी आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा के भीतर उठती असहमति पर ली चुटकी
यूजीसी रिफॉर्म बिल को लेकर भाजपा के भीतर उठ रही असहमतियों पर भी मंत्री इरफान अंसारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार चलाना आसान काम नहीं है और भाजपा अब कमजोर होती नजर आ रही है। उनका कहना था कि भाजपा के नेता अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रहे हैं, जिससे पार्टी की स्थिति स्पष्ट हो रही है।
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