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लेमनग्रास एक सुगंधित औषधीय घास है जिसका उपयोग मसाले, चाय और दवा के रूप में किया जाता है. इसकी पत्तियों और तने से नींबू जैसी खुशबू आती है, इसलिए इसे लेमनग्रास कहा जाता है. एशियाई देशों में इसकी कई किस्में पाई जाती हैं, जिनमें जावा लेमनग्रास, इंडियन लेमनग्रास और रोज लेमनग्रास प्रमुख हैं. इसका तना हल्का सफेद-हरा होता है और पत्तियां चमकदार होती हैं.
आयुर्वेद के जानकर शिव कुमार पांडे ने कहा कि लेमनग्रास में कई प्रकार के आवश्यक तेल पाए जाते हैं, जैसे सिट्रल, जेरानियोल, लिमोनेन और लिनालूल. इसके अलावा इसमें फ्लेवोनोइड, फेनोलिक एसिड, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे खनिज मौजूद होते हैं. इसमें विटामिन ए, बी और सी भी पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं.

आगे कहा कि लेमनग्रास का उपयोग भाप लेने और काढ़ा बनाने में किया जाता है. सर्दी-जुकाम, बुखार, सिरदर्द और शरीर दर्द में इसका सेवन लाभ देता है. तुलसी, नींबू के पत्ते और पुदीना के साथ उबालकर भाप लेने से शरीर में पसीना आता है और सर्दी-खांसी में राहत मिलती है. यह फेफड़ों को साफ करने में भी मदद करता है.

आगे कहा कि पेट दर्द, गैस, अपच, उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं में लेमनग्रास बहुत उपयोगी माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे पेट को गर्म रखने और भोजन पचाने में मदद करने वाली औषधि माना जाता है.
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उन्होंने बताया कि लेमनग्रास में सूजन कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं. इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, गठिया, शरीर की थकान और चोट से होने वाली सूजन में किया जाता है. तेल के रूप में इसका प्रयोग मालिश के लिए भी किया जाता है, जिससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम होता है.

उन्होंने यह भी बताया कि लेमनग्रास खांसी और बलगम को कम करने में मदद करता है. यह मूत्रवर्धक भी होता है, जिससे शरीर की सूजन कम होती है और पेशाब की समस्या में राहत मिलती है. जिन लोगों को शरीर में पानी रुकने की समस्या होती है, उनके लिए यह लाभकारी माना जाता है.

उन्होंने बताया कि लेमनग्रास की तेज सुगंध मच्छर और कीड़ों को दूर रखती है. इसलिए कई लोग इसे घर के आसपास लगाते हैं. इसके तेल का उपयोग अगरबत्ती, स्प्रे और दवा बनाने में भी होता है. यह वातावरण को शुद्ध करने और बदबू दूर करने में मदद करता है.

लेमनग्रास औषधीय पौधा है, लेकिन इसका उपयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए. अधिक मात्रा में उपयोग करने से पेट में जलन या एलर्जी हो सकती है. सही तरीके से उपयोग करने पर लेमनग्रास स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होता है.
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