हजारीबाग लंबे समय से एक शैक्षणिक शहर के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है. यहां स्थित प्रतिष्ठित संस्थान संत कोलंबस कॉलेज और विनोबा भावे विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद शहर का शैक्षणिक महत्व और भी बढ़ गया है. यहां कमरे का किराया 800 रुपये प्रति माह से शुरू हो जाता है
शहर के बाबूगांव, कोर्रा और मटवारी इलाके छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा माने जाते हैं. इन क्षेत्रों में छात्रों को बेहद किफायती दरों पर कमरे और हॉस्टल उपलब्ध हो जाते हैं. जानकारी के अनुसार, यहां कमरे का किराया 800 रुपये प्रति माह से शुरू हो जाता है, जो अन्य शहरों की तुलना में काफी सस्ता है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्र इन इलाकों में रहना पसंद करते हैं.
स्थानीय निवासी अपराजिता पांडे बताती हैं कि यह इलाका पूरी तरह शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता है.
पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी की सुविधा
यहां कई कोचिंग संस्थान, ट्यूशन सेंटर और कॉलेज मौजूद हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी बड़ी संख्या में यहां रहते हैं. पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी की भी पर्याप्त सुविधा है, जिससे छात्रों को काफी सहूलियत मिलती है. इन कमरों में एक कमरे में दो से तीन लोग रहते है. और शेयरिंग टॉयलेट दिया जाता है. वहीं हर समय लोगो को कमरे मिल जाया करते है. हजारीबाग में शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण, अपेक्षाकृत शांत माहौल और कम खर्च में रहने की सुविधा छात्रों को आकर्षित करती है. यहां रहकर छात्र स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और लाइब्रेरी सभी सुविधाओं का लाभ एक ही क्षेत्र में ले सकते हैं.
इलाकों में लगभग 30 हजार से अधिक छात्र रहते
उन्होंने आगे बताया कि इन इलाकों में लगभग 30 हजार से अधिक छात्र रह रहे हैं. छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण यहां किराये के मकानों, पीजी और हॉस्टल का कारोबार भी तेजी से बढ़ा है. कई परिवारों ने अपने घरों के अतिरिक्त कमरों को किराये पर देना शुरू कर दिया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल रहा है.हालांकि, छात्रों की बढ़ती संख्या के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं, साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और यातायात व्यवस्था इस इलाके में बड़ी समस्या है लेकिन इसके बावजूद छात्र यहां के माहौल को पढ़ाई के लिए बेहतर मानते हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.