हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों में झारखंड के हजारीबाग जिले के छड़वा डैम, तिलैया डैम और गोंदा डैम सहित कई जलाशयों में शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल देखी गई. ये पक्षी लगभग 3000 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर हिमालय की ऊंची चोटियों को पार करते हुए भारत पहुंचते हैं.
हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों में झारखंड के हजारीबाग जिले के छड़वा डैम, तिलैया डैम और गोंदा डैम सहित कई जलाशयों में शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल देखी गई. ये पक्षी लगभग 3000 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर हिमालय की ऊंची चोटियों को पार करते हुए भारत पहुंचते हैं. खास बात यह है कि इनके प्रवास के लिए किसी वीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती. हालांकि इस वर्ष इनका ठहराव अपेक्षाकृत कम अवधि का रहा.
प्रसिद्ध पर्यावरणविद और पक्षी शोधार्थी मुरारी सिंह बताते हैं कि इस बार सर्दियों की शुरुआत सामान्य से पहले हुई और उसी अनुपात में गर्मी का असर भी जल्दी दिखने लगा. इसका सीधा प्रभाव प्रवासी पक्षियों के व्यवहार पर पड़ा. जो पक्षी आमतौर पर मार्च तक यहां रहते थे, वे इस बार फरवरी में ही लौटने लगे हैं.
उन्होंने बताया कि जो पक्षी समय से पहले हजारीबाग पहुंचे थे, वे सबसे पहले वापस लौटे. वहीं दक्षिण भारत के हिस्सों से लौटते कुछ पक्षी फिलहाल यहां ठहरे हुए हैं, लेकिन उनके भी जल्द ही रवाना होने की संभावना है. हजारीबाग आने वाले अधिकांश प्रवासी पक्षी सेंट्रल एशिया के देशों से आते हैं. साइबेरिया से यहां कोई पक्षी नहीं आता. अपने मूल स्थानों पर जलाशयों के जम जाने और भोजन की कमी के कारण ये पक्षी बेहतर जलवायु और भोजन की तलाश में भारत का रुख करते हैं.
इस वर्ष हजारीबाग के जलाशयों में बार-हेडेड गूज, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, रडी शेलडक, फाल्केटेड डक, पिंटेल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, यूरेशियन विजन और गडवाल जैसे पक्षी देखे गए. बार-हेडेड गूज दुनिया के सबसे ऊंचाई पर उड़ने वाले पक्षियों में शामिल हैं, जो हिमालय के ऊपर से उड़ते हुए यहां पहुंचते हैं. हालांकि इस बार इनका प्रवास काल भी छोटा रहा.
मुरारी सिंह के अनुसार, पक्षियों के पास कैलेंडर या घड़ी नहीं होती, वे मौसम के संकेतों से समय का आकलन करते हैं. यदि उन्हें गर्मी का एहसास जल्दी हो जाता है, तो वे समय से पहले ही वापसी कर लेते हैं. इस वर्ष उनका जल्दी आना और जल्दी लौटना जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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