शोभायात्रा की शुरुआत केबी वूमंस कॉलेज और अन्नदा कॉलेज से की गई. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया. विभिन्न मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर पहुंची. जहां विधिवत रूप से यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ. शोभायात्रा में छात्रों का उत्साह और अनुशासन देखते ही बन रहा था.
26 कॉलेज के 800 छात्र हुए शामिल
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा ने कहा कि यूथ फेस्टिवल को पढ़ाई से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए. विश्वविद्यालय में कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और अन्य रचनात्मक विधाओं में भी निपुण हैं. ऐसे छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने और निखारने के लिए आयोजन एक बेहतर मंच प्रदान करता है. यूथ फेस्टिवल के माध्यम से छात्र न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं. बल्कि एक-दूसरे से मिलकर विचारों का आदान-प्रदान भी करते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होता है. इस तरह के आयोजन छात्रों के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं.
यह समारोह तीन दिवसीय
तीन दिवसीय इस समारोह में म्यूजिक, डांस, लिटरेरी इवेंट, थिएटर, फाइन आर्ट्स और लोक संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे. यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विनोदनी पार्क में संपन्न होगा. शोभायात्रा के दौरान वर्तमान समय के एक ज्वलंत मुद्दे नशा उन्मूलन को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया. इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जो व्यक्ति नशे की दुनिया में फंसा है. वह चाहें तो इससे बाहर निकलकर फिर से समाज की मुख्य धारा में लौट सकता है. नशा न केवल व्यक्ति और परिवार को, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर देता है.
झारखंड का पारंपरिक झूमर नृत्य
संस्कृत शोभायात्रा के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भारत की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया. इसमें भगवान बिरसा मुंडा के विचार, लोक आस्था का महापर्व छठ, दुर्गा पूजा, झारखंड का पारंपरिक झूमर नृत्य और महिला सशक्तिकरण की झलक सड़कों पर देखने को मिली. छात्रों का कहना है कि भारत अपनी सभ्यता और संस्कृति के कारण पूरे विश्व में विशिष्ट पहचान रखता है. विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराया और यह संदेश देने की कोशिश की. भारत सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध और श्रेष्ठ है.
छात्र आपस में कर रहे है संवाद
यूथ फेस्टिवल एक ऐसा मंच है, जहां छात्र आपस में संवाद कर अपने विचार साझा करते हैं. इस दौरान नई शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने जैसे विषयों पर भी छात्र मंथन करेंगे. निसंदेह, छात्र जीवन में यूथ फेस्टिवल का विशेष स्थान है, जो उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ प्रदान करता है. कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. स्वामी विवेकानंद सभागार में गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी. एकांकी, लघु नाटिका और मूक अभिनय की प्रतियोगिताएं बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में आयोजित की जाएंगी.
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