हाला नाज को बचपन से ही फैशन डिजाइनिंग का विशेष शौक रहा है. कपड़ों के नए-नए डिजाइन तैयार करना, रंगों के संयोजन पर बारीकी से ध्यान देना और ज्वैलरी की नक्काशी व डिजाइन को समझना उन्हें शुरू से पसंद था. समय के साथ यह शौक और गहराता चला गया और उन्होंने इसे अपने करियर के रूप में अपनाने का दृढ़ निश्चय किया. अपने इस लक्ष्य को साकार करने के लिए हाला नाज ने हजारीबाग के केबी वूमंस कॉलेज से फैशन डिजाइनिंग की विधिवत पढ़ाई की.
पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संसाधनों की कमी थी. बड़े स्तर पर काम शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी उनके पास नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय छोटे स्तर से ही शुरुआत करने का फैसला किया. हाला नाज ने धीरे-धीरे पैसे जुटाकर ‘भूमिजा’ नाम की संस्था की स्थापना की. शुरुआती दिनों में वह स्वयं डिजाइनर कपड़े और ज्वैलरी तैयार करती थीं और स्थानीय बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री करने लगीं.
उनकी मेहनत, यूनिक डिजाइन और बेहतर गुणवत्ता के कारण लोगों का भरोसा धीरे-धीरे उन पर बढ़ता गया. ग्राहकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ और उनका काम भी विस्तार लेने लगा. आज ‘भूमिजा’ के माध्यम से हाला नाज डिजाइनर कपड़े और आकर्षक ज्वैलरी तैयार कर रही हैं, जिन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है. वर्तमान समय में वह इस व्यवसाय से हर महीने लगभग 50 हजार से 60 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं, जिससे वह आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं.
लोकल 18 झारखंड से बातचीत के दौरान हाला नाज ने बताया कि उन्हें फैशन की दुनिया से शुरू से ही गहरा लगाव रहा है. उन्होंने कहा कि बचपन में ही यह तय कर लिया था कि वह इसी क्षेत्र में कुछ अलग और नया करना चाहती हैं. हाला नाज ने बताया कि अपने सफर की शुरुआत में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने लक्ष्य से पीछे हटने का विचार नहीं किया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने हुनर को निखारती रहीं.
उन्होंने आगे कहा कि आज जब उनके द्वारा तैयार किए गए कपड़े और ज्वैलरी लोगों को पसंद आते हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा संतोष मिलता है. उनका मानना है कि यदि महिलाएं अपने हुनर को पहचानें और खुद पर विश्वास रखें, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं. हाला नाज की इच्छा है कि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों.
हजारीबाग की हाला नाज आज केवल एक सफल फैशन डिजाइनर ही नहीं हैं, बल्कि वह महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त और प्रेरणादायक पहचान भी बन चुकी हैं. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जब सपने बड़े हों और इरादे मजबूत हों, तो महिलाएं किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं.
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