Terror of elephants in Jharkhand : हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो के सीमावर्ती गांवों में इन दिनों सूरज ढलते ही सन्नाटा छा जाता है. वजह है जंगली हाथियों का बढ़ता मूवमेंट. कभी फसलों को रौंदते झुंड, तो कभी गांव की गलियों तक पहुंचते हाथी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं. इसी बढ़ते मानव वन्यजीव संघर्ष के बीच झारखंड वन विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है और एक अनोखा ऐप ‘हमार हाथी 2.0’ तैयार किया है.
हाथियों का बढ़ता खतरा ‘हमार हाथी 2.0’ ऐप बना ग्रामीणों की सुरक्षा का सहारा (AI जेनरेटेड)
ऐप की विशेषताएं
डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने बताया कि ऐप के जरिए हाथियों की रियल टाइम लोकेशन सर्वर पर अपडेट की जाती है. जैसे ही किसी इलाके में हाथियों की हलचल दर्ज होती है, आसपास के करीब 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को मैसेज और कॉल अलर्ट मिल जाता है. खास बात यह है कि अशिक्षित ग्रामीणों के लिए कॉल अलर्ट की सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो रही है. वन विभाग का कहना है कि यह ऐप सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि जानमाल की सुरक्षा का डिजिटल कवच है. विभाग इसे और उन्नत बनाने पर काम कर रहा है ताकि अलर्ट और अधिक सटीक और तेज हो सके.
लोगों को तुरंत सूचना मिलेगी
डीएफओ के अनुसार, इस ऐप के जरिए हाथियों की गतिविधियों की सूचना सीधे लोगों के मोबाइल पर मैसेज और कॉल के माध्यम से पहुंचती है. हाथियों की रियल टाइम लोकेशन विभाग के अधिकृत पदाधिकारी और कर्मी सर्वर पर अपडेट करते हैं. अपडेट होते ही आसपास के क्षेत्र के लोगों को तुरंत सूचना मिल जाती है, जिससे वे समय रहते सतर्क हो सकें. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि ‘हमार हाथी 2.0’ ऐप को अधिक से अधिक लोग अपने मोबाइल में इंस्टॉल करें, ताकि हाथियों के आने से पहले ही सूचना मिल सके और किसी प्रकार की जान-माल की क्षति से बचा जा सके.
जागरूकता और सुरक्षा का माध्यम
डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल के मुताबिकसा झारखंड वन विभाग इस ऐप को और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. अगर देखा जाए तो ‘हमार हाथी 2.0’ ऐप ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और सुरक्षा का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है. खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां कई लोग अशिक्षित हैं, वहां कॉल अलर्ट की सुविधा काफी प्रभावी साबित हो रही है. वन विभाग की यह डिजिटल पहल न सिर्फ लोगों को सतर्क कर रही है, बल्कि मानव और वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में भी सार्थक कदम साबित हो रही है.
एक क्लिक में मिलेगी असली लोकेशन
जानकार कहते हैं कि जंगली हाथियों का मूवमेंट पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय रहते मिली सूचना कई बड़ी घटनाओं को टाल सकती है. ‘हमार हाथी 2.0’ इसी सोच का परिणाम है. यह पहल दिखाती है कि टेक्नोलॉजी और स्थानीय प्रशासन मिलकर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा सकते हैं. अगर ज्यादा से ज्यादा लोग इस ऐप से जुड़ते हैं, तो मानव और वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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