राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने म्यांमार में चलाए जा रहे मानव तस्करी केस में पंचकूला की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। पहले मामले की जांच हरियाणा के चरखी दादरी पुलिस क रही थी। जिसे बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईआर ने लिया था। हरियाणा के चरखी दादरी निवासी अंकित उर्फ अंकित भारद्वाज इश्तिखार अली उर्फ अली और एक फरार चीनी नागरिक लिसा के नाम चार्जशीट में शामिल हैं। एजेंसी ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और इमिग्रेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। थाईलैंड के रास्ते भेजते थे म्यांमार संगठित गिरोह चलाने वाले आरोपी भारतीय युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र में भेजता था। आरोप है कि अंकित और इश्तिखार युवाओं को थाईलैंड में स्थायी और उच्च वेतन वाली नौकरी का भरोसा दिलाते थे। फरार आरोपी लिसा के साथ मिलकर ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित किए जाते थे, जिससे पीड़ितों का विश्वास जीता जा सके। भारत से युवाओं को अवैध रास्तों से थाईलैंड सीमा पार कर म्यांमार पहुंचाया जाता था। वहां उन्हें कथित साइबर फ्रॉड केंद्रों में बंधक बनाकर रखा जाता था। उनसे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाकर अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों से संपर्क कराया जाता और नकली क्रिप्टोकरेंसी एप में निवेश के लिए बहलाया जाता था। विरोध करने पर पीड़ितों को प्रताड़ित किया जाता, कैद में रखा जाता और भारी फिरौती की मांग की जाती थी। 4 पॉइंट में समझिए कैसे हुआ खुलासा…
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