पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में मास्टरमाइंड दीपक उर्फ दीपू।
हरियाणा में हाईवे पर लड़की के जरिए लिफ्ट के बहाने लूटपाट, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली गैंग का सरगना दीपक उर्फ दीपू पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। दीपू की गर्लफ्रेंड व गैंग के दो सदस्यों को पंचकूला पुलिस ने 17 दिसंबर को पकड़ लिया था। पुलिस से बचने के लिए दीप
रिमांड के दौरान दीपू ने कबूला कि 18 साल की उम्र में उसने पहली बार स्नेचिंग की वारदात की। दोस्त दलजीत बांका साथ था। उसके बाद तो वह अपराध की दलदल में धंसता चला गया। चिट्टे की लत के कारण हर समय पैसे की जरूरत पड़ती थी, इस वजह से गर्लफ्रेंड को यूज कर हनीट्रैप गैंग बनाया। वह 4 बहनों का इकलौता भाई है।
पिछले 12 साल में उस पर 19 FIR दर्ज हुईं। यही नहीं, गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर 35 लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे वसूले। हालांकि, इनमें से सिर्फ एक ही पीड़ित ने केस दर्ज कराया। बाकी मामलों में लोकलाज के मारे पीड़ित चुप रहे। पुलिस के मुताबिक दीपू पर स्नैचिंग, लूट, हत्या का प्रयास, हथियार तस्करी के केस दर्ज हैं। वह एक साल जेल में भी रहा। भगौड़ा होने के कारण उस पर 5 हजार का इनाम रखा गया।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी दीपक उर्फ दीपू।
4 पॉइंट्स में समझिए दीपक के पारिवारिक हालत…
- 4 बहनों का इकलौता भाई: दीपक के पिता पवन फैक्ट्री में काम करते हैं। दीपू 4 बहनों का इकलौता भाई है। वह सबसे छोटा है, इसलिए पूरे परिवार का प्यारा था। 12वीं की पढ़ाई होते ही दीपक गलत संगत में फंस गया।
- सालों से घर नहीं गया: दीपक के पिता पवन के अनुसार, शुरुआत में एक-दो वारदात तक तो परिवार ने उसका सहयोग किया, लेकिन जब एक ही साल में उसने 14 वारदातों को अंजाम दिया तो सभी पीछे हट गए। उसे घर आए कई साल हो चुके हैं। परिवार ने अब मान लिया है कि उनके घर बेटा पैदा ही नहीं हुआ।
- पंजाब की युवती बनाई लिव इन पार्टनर: दीपक ने पंजाब के फिरोजपुर की रहने वाले संदीप कौर उर्फ माही को करीब 4 साल पहले लिव इन पार्टनर बनाया। दोनों चिट्टे के नशे के आदी हो गए। नशे की लत में पैसे कम पड़ने लगे तो दोनों को हनीट्रैप गैंग बनाने का विचार आया। गैंग में पंजाब के अबोहर-फाजिल्का के सन्नी कुमार सचदेवा को भी शामिल कर लिया।
- हरिद्वार में बिताया फरारी का समय: गर्लफ्रेंड व गैंग सदस्य पकड़े जाने के बाद दीपक ने करीब 15 दिन का समय उत्तराखंड के हरिद्वार में बिताया। जब पैसे खत्म हो गए तो आरोपी पिंजौर लौट आया। वहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में सगरना दीपक की महिला मित्र माही व दो अन्य आरोपी। – फाइल फोटो
ऐसे देते थे लूट की वारदात को अंजाम
संदीप कौर उर्फ माही रात के समय हाईवे किनारे खड़ी होकर टैक्सी ड्राइवरों से लिफ्ट मांगती। फिर रास्ते में उन्हें उकसाती और संबंध बनाने के लिए तैयार करती। फिर किसी सुनसान एरिया में चले जाते, जहां पीछा करते हुए दीपक व सन्नी पहुंच जाते। टैक्सी ड्राइवर को लूटपाट के बाद पुलिस का भय दिखाकर छोड़ दिया जाता। पंजाब के जीरकपुर और मोहाली एरिया में 19 वारदातों को अंजाम दिया तो पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ गए। 2 बार अलग-अलग मामलों में जेल भी पहुंचे।
पंचकूला पुलिस ने भैंसा टिब्बा निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया। गैंग सदस्य उसकी कार दो बार बुक कर कहीं ले गए थे। आरोपियों ने उसे लालच दिया कि अगर वह काम में मदद करेगा तो हर रात उसे किराए के अलावा 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। अशोक की मां घरों में खाना बनाती हैं। अशोक का रिश्ता भी तय हो चुका था। अशोक मूल रूप से यूपी के बरेली का है।

पंचकूला एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज, महिला व दूसरे आरोपियों के साथ। – फाइल फोटो
लूट के पैसे को लग्जरी लाइफ-नशे पर उड़ाया
- हर रोज 5 हजार रुपए का नशा: माही, दीपक और सन्नी तीनों ही नशे के आदी हैं। तीनों हर रोज करीब 5 हजार रुपए का नशा करते थे। नशे के लिए पंजाब के तरनतारन एरिया में चिट्टा लेने के लिए जाते थे।
- हर दूसरे दिन बदलते थे होटल: आरोपियों ने पंचकूला में किराए पर मकान ले रखा था, लेकिन वे रोज होटलों में ही ठहरते थे। नशे के लिए रोज रात को हाईवे पर निकलते थे। लूटपाट के बाद होटल पहुंचकर पार्टी होती थी। जिस दिन बड़ा शिकार हाथ लगता तो 2-3 दिन के लिए शांत हो जाते थे।
- 34 शिकार नहीं पहुंचे थाने: माही ने खुलासा किया कि वे अब तक 35 लोगों को पंचकूला एरिया में शिकार बना चुके हैं, लेकिन किसी ने भी पुलिस को शिकायत नहीं की। सभी को वे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करते थे। इसके बाद डर के मारे आरोपी पैसे देकर पीछा छुड़ा लेता था।

हरियाणा में एंट्री व ड्राइवर फंसाने के अहम पॉइंट…
- पंजाब में पकड़े गए तो पंचकूला बनाया बेस: पंजाब पुलिस की निगाह में आने के बाद आरोपियों ने पंचकूला को 4 माह पहले बेस बनाया। यहां वारदातों को अंजाम देने के लिए उन्होंने एक वैगनआर कार ड्राइवर को भी अपना साथी बनाया।
- महिला लेती थी लिफ्ट, गैंग करती थी पीछा: ACP अरविंद कंबोज ने बताया कि फिरोजपुर निवासी संदीप कौर टैक्सी ड्राइवरों से लिफ्ट लेती थी। महिला ड्राइवर को बातों में फंसाकर सुनसान एरिया में ले जाती थी। जहां पर गाड़ी का पीछा करते हुए आरोपी पहुंच जाते थे। चाकू की नोक पर टैक्सी ड्राइवर के पास मौजूद कैश व दूसरी चीजों को गैंग के लोग लूट लेते थे। पुलिस के अनुसार गैंग में 4 लोग सक्रिय हैं, जिनमें से 3 गिरफ्तार हाे चुके हैं।
- लोकेशन भेजती थी महिला: महिला किसी भी अजनबी के साथ कार में बैठते ही अपनी लोकेशन गिरोह को भेज देती थी। आरोपी उसका वैगनआर कार से पीछा करते थे। जहां महिला सुनसान जगह ले जाकर कार रूकवाती। आरोपी वहीं पर पहुंच जाते थे।

3 पॉइंट में समझिए कैसे एक चूक ने बिगाड़ा खेल…
- पिकअप ड्राइवर से लिफ्ट मांगी: 13 दिसंबर को बद्दी से ट्रांसपोर्ट कंपनी का सामान लेकर पिकअप वाहन देहरादून के लिए रवाना हुआ था। चंडीमंदिर टोल प्लाजा पार करने के बाद सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात युवती ने सड़क किनारे रुकने का इशारा कर लिफ्ट मांगी। इंसानियत दिखाते हुए ड्राइवर ने गाड़ी रोक ली। युवती ने नाडा साहिब स्थित आईटी पार्क जाने की बात कही।
- चाकू की नोक पर लूटा: नेशनल हाईवे पंचकूला-यमुनानगर पर घग्गर नदी का पुल पार कर गांव चौकी के पास ड्राइवर उसे उतारने लगा, तभी एक वेगनआर कार से उतरे 2 युवकों ने ड्राइवर सीट की खिड़की खुलवाकर चाकू दिखाया और पीड़ित से करीब 2400 रुपए नकद, मोबाइल लूट लिया। इसके अलावा चाकू की नोक पर मोबाइल के जरिए गूगल-पे से 50 हजार रुपए भी ट्रांसफर करवा लिए।
- गूगल पे ट्रांसफर से फंसे आरोपी: बदमाश वारदातों को अंजाम देने में इतने निडर हो चुके थे कि उन्हें भय नहीं रहा कि कोई पुलिस में शिकायत करेगा। हालांकि, डर के मारे पिकअप ड्राइवर ने वीटी करवा दी, जिसके बाद पीड़ित से पुलिस ने लिखित शिकायत ले ली। गूगल पे अकाउंट के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
ACP बोले- 53 वारदातों का खुलासा, केवल एक में शिकायत
पंचकूला ACP क्राइम अरविंद कंबोज ने बताया कि टैक्सी ड्राइवरों को लूटने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 19 मामले दर्ज हैं और 5 हजार रुपए का इनामी बदमाश रहा है। हरियाणा और पंजाब में कुल 53 वारदातों का खुलासा हुआ है।
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