आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के विभिन्न खातों में 583 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। इस मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार रात मास्टरमाइंड एयू स्मॉल बैंक की जीरकपुर शाखा के मैनेजर रिभव ऋषि समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो के चीफ एएस चावला ने पत्रकारवार्ता कर मामले की जानकारी दी।
चावला ने बताया कि 23 फरवरी को पंचायत विभाग से एक पत्र मिला था जिसमें गबन की जानकारी मिली। इसके बाद एसीबी में मुकदमा नम्बर 4 दर्ज किया गया। इसमें पहले रिभव ऋषि और अभय को गिरफ्तार किया। रिभव आईडीएफसी बैंक का मैनेजर है वहीं अभय बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था। बैंक ने सारा पैसा हरियाणा सरकार को लौटा दिया है।
ये दोनों मुख्य आरोपी हैं। इन दोनों ने ही प्लानिंग की थी। शाम को दोनों को राउंड अप किया गया। एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के खाते में करीब 300 करोड़ रुपये गए थे। एयू स्माल फाइनेंस बैंक में भी पैसा गया। स्वाति सिंघला निजी कंपनी की मालिक है और अभय की पत्नी है। स्वाति के भाई अभिषेक को भी गिरफ्तार किया गया है। आज इनको कोर्ट में पेश किया जाएगा। चावला ने कहा कि ऐसा लग रहा है किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत भी हो सकती है।