हरियाणा में हाल ही में लागू हुए तीन नये आपराधिक कानूनों के बाद अभियोजन व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलाव शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने 22 जिला अटॉर्नी (DA) अधिकारियों को प्रमोट कर डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन (DDP) नियुक्त किया है।
नये कानूनों के सेक्शन-20 में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक जिले में अभियोजन निदेशालय का गठन किया जाएगा और उसका प्रमुख डिप्टी डायरेक्टर होगा। इसी कानूनी व्यवस्था को धरातल पर लागू करने के उद्देश्य से यह प्रमोशन किए गए हैं।
ग्राफिक्स में देखिए केंद्र के तीन नए कानून…
एक साल प्रोबेशन पीरियड पर रहेंगे
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से किए गए । प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर किए गए हैं। सभी प्रमोट किए गए अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रहेगे। डिप्टी डायरेक्टर बनाए गए।
ये डीए बने डीडीपी
अधिकारियों में सुमन बंसल, सोहन सिंह, दीपक, रंजीत, सतीश कुमार, आनंद मान, सुनील कुमार, सत्येंद्र कुमार, राजेश कुमार चौधरी, धर्मेंद्र राणा, मनोज कुमार, दीपक बूरा, हरपाल सिंह, अनीता, राजेश कुमार, परवेज, सुमेर सिंह, हितेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, मनजीत सिंह, अश्विनी कुमार चौधरी, सुरेश कुमार और पारूल चहल शामिल हैं।
अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे उच्च पद भरे जाएंगे, वैसे-वैसे डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी और अन्य निचले पदों पर भी प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे। डिप्टी डायरेक्टर को जिले में अभियोजन का प्रमुख बनाए जाने से प्रशासनिक और कानूनी समन्वय भी मजबूत होने की उम्मीद है।
पोस्टिंग के आदेश बाद में जारी होंगे
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रमोट किए गए अधिकारी फिलहाल अपने वर्तमान पद का कार्यभार संभालते रहेंगे। उनकी पोस्टिंग के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे, ताकि अदालतों और कार्यालयों के कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में सभी नये डिप्टी डायरेक्टर को जिलों का आवंटन कर दिया जाएगा।
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