साल 2026 का पहला दिन प्रदोष व्रत का है. प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक खास तिथि है. ज्योतिषी गणना के अनुसार भगवान शिव को समर्पित साल के पहले सोमवार के दिन भगवान शिव के ‘शिव महिम्न’ स्तोत्र का पाठ विधि अनुसार किया जाए, तो भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है.
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित
ज्यादा जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि साल 2026 का पहला दिन प्रदोष व्रत का है. प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक खास तिथि है. ज्योतिषी गणना के अनुसार भगवान शिव को समर्पित साल के पहले सोमवार के दिन भगवान शिव के ‘शिव महिम्न’ स्तोत्र का पाठ विधि अनुसार किया जाए, तो भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है और शिव धाम में जाने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है. पुष्पदंत कृत शिव महिम्न स्तोत्र में भगवान शिव की महिमा का वर्णन विस्तार से किया गया है.
क्या है विधान
वह आगे बताते हैं कि इस खास स्तोत्र के अनुसार इसे तीन समय किया जा सकता है. अन्य स्तोत्र, एक समय या दो समय करने का विधान होता है, लेकिन शिव महिम्न स्तोत्र स्नान आदि करके पवित्र मन और हृदय से सुबह, दोपहर और शाम को प्रदोष काल में करने पर चमत्कारी लाभ मिलते हैं. साल के पहले सोमवार के दिन यदि इस स्तोत्र का पाठ भगवान शिव के सिद्ध पीठ मंदिर या अपने घर के दिवाली में बैठकर किया जाए, तो साल भर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा बनी रहती है. साथ ही सभी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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