संघ के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि कोई जनप्रतिनिधि कमीशन देने से इनकार करता है, तो उसके निर्माण कार्यों का सत्यापन लंबित रखा जाता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया अटक जाती है। परिणामस्वरूप पंचायतों में चल रहे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति बन रही है।
सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और जिला स्तर पर विरोध दर्ज कराने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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