ग्वालियर व्यापार मेले का औपचारिक समापन हो गया है। बुधवार शाम एक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें मेला सचिव सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसी दौरान मेले के समापन की औपचारिक घोषणा की गई। मेला सचिव सुनील त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 3000 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में कई रिकॉर्ड टूटे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में हुए व्यापार के सटीक आंकड़े दो से तीन दिनों में उपलब्ध हो पाएंगे। फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर वाहनों की बिक्री का डेटा आरटीओ द्वारा एक दिन बाद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीएसटी विभाग से भी विभिन्न सेक्टरों के व्यापारिक आंकड़े लिए जाएंगे। त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सामान्य दिनों में रोजाना 50,000 से अधिक सैलानी मेले में पहुंचे। वहीं, छुट्टियों के दिनों में यह संख्या 75,000 से बढ़कर 1 लाख व्यक्तियों तक भी पहुंची। मेला सचिव ने कहा कि इस बार का मेला काफी सफल रहा। हालांकि, व्यापारी संघ और अन्य लोगों से कई सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को अगली बार बेहतर सेवाओं और व्यवस्थाओं में लागू किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनका पहला अनुभव था और भविष्य में कमियों को सुधारा जाएगा। रोजाना आए 50 हजार सैलानी
सचिन ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले में सामान्य आंकड़े की बात की जाए तो रोजाना लगभग 50000 से अधिक सैलानी ग्वालियर व्यापार मिले का लुक लेने के लिए मेले में पहुंचे हैं। इसके अलावा छुट्टी के दिनों में यह संख्या 75000 से एक लाख व्यक्तियों तक भी पहुंची है। अगली बार और बेहतर होगी व्यवस्थाएं
मेला सचिव ने बताया कि इस बार वॉलपेपर मेल काफी अच्छा रहा लेकिन हमारे व्यापारी संघ और अन्य जनों से भी कई सारे सुझाव मिले हैं जो हमें अगली बार और बेहतर सेवाओं और व्यवस्थाओं में सहयोगी साबित होंगे। इस बार मेरा मेल का यह पहला अनुभव था जो भी कमियां रही है उन्हें अगली बार सुधार किया जाएगा। 28 को विद्युत व्यवस्था अवरुद्ध
आपको बता दे की औपचारिक समापन के बाद ग्वालियर व्यापार मेले की विद्युत व्यवस्था 28 फरवरी को अवरोध कर दी जाएगी इसके बाद भी कई दिनों तक मिला सड़क पर नजर आता है। ठीक-ठाक रहा व्यापार
वहीं मेले में व्यापार कर रहे व्यापारियों की माने तो इस बार मेला ठीक-ठाक रहा है और व्यापार भी ठीक-ठाक ही हुआ है। लगभग लागत ही निकल पाई है। मुनाफा कम नजर आ रहा है। जिसकी एक वजह मौसम भी माना जा सकता है। मेले में व्यापार करने के लिए चंदेरी से आई हेमा चौहान ने बताया कि काफी अच्छा अनुभव रहा और व्यापार भी ठीक-ठाक ही हुआ है। मेले की व्यवस्थाएं भी अच्छी रही कुछ छोटी-मोटी कमियां हैं, उन्हें छोड़ दिया जाए तो बाकी सब कुछ ठीक रहा। वहीं कश्मीर से आए कपड़े के व्यापारी शाह जी ने बताया कि मेला काफी अच्छा रहा और खूब चला लेकिन लास्ट आते-आते गर्मी पड़ने लगी बाकी सब कुछ ठीक रहा।
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