झारखंड में ठंड का असर चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज तक राज्य के कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग और कोडरमा में दिन-रात ठंडी हवा लोगों को कंपकंपाएगी।
हालांकि नए साल की शुरुआत राहत भरी रहने की उम्मीद है। 1 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिससे ठंड का तीखापन कम होगा, लेकिन सुबह-शाम ठिठुरन बनी रह सकती है।
गुमला में 10 साल की सर्दी का रिकॉर्ड टूटा
ठंड के मौजूदा दौर में गुमला राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा। सोमवार से मंगलवार की सुबह के बीच यहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दस वर्षों में सबसे कम है। इससे पहले बीते सप्ताह शुक्रवार को 2.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ था, जिसे अब तोड़ दिया गया।
राजधानी रांची में भी मंगलवार को सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम पारा 1.8 डिग्री गिरकर 5.4 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम है। ठंड के कारण सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा और अलाव का सहारा लेते लोग नजर आए।
पश्चिमी जिलों में ठंड का ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार गुमला में तापमान अधिक गिरने की एक बड़ी वजह वहां स्थित मौसम राडार का स्थान है। यह राडार विशुनपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में घने जंगल के बीच लगा है, जहां शहर की तुलना में तापमान स्वाभाविक रूप से कम रहता है।
कृषि विज्ञान केंद्र गुमला के विशेषज्ञ अटल तिवारी के मुताबिक दिसंबर से उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं सीधे झारखंड के पश्चिमी जिलों, खासकर गुमला और सिमडेगा, में प्रवेश करती हैं। इसी कारण इन इलाकों में ठंड का असर ज्यादा तेज है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, सुबह-शाम गर्म कपड़ों के उपयोग और शीतलहर से बचाव की सलाह दी है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.