रागी मिशन से जुड़कर गुमला जिला की महिलाओं को नया जीवन मिला. अब वह अपने घरेलू उत्पादों को देशभर में ऑनलाइन बेच पा रही हैं. गुमला में निर्मित रागी प्रोडक्ट की बिक्री देश के कोने-कोने तक होने से उन्हें अच्छी कमाई भी हो रही है.
किसानों की आमदनी में होगी बढ़ोतरी
वहीं जिले में रागी को बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच निःशुल्क रागी के बीज का वितरण किया जाता रहा है, ताकि रागी का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके. ऐसा फसल जिसे कभी कम कीमत वाला माना जाता था, लेकिन आज अब इसकी अलग पहचान बन गई है. गुमला के रागी प्रोसेसिंग यूनिट में रागी से आटा, लड्डू, भुजिया, ठेकुआ, बिस्कुट, नमकीन, मिक्चर, खजूर आदि का निर्माण किया जा रहा है. गुमला में रागी मिशन यहां के लोगों के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बनकर उभरी है. जिसका उद्देश्य झारखंड के गुमला जिले में किसानों की आजीविका में सुधार लाना है .
महिलाओं को मिली नई ज़िंदगी
जिले में रागी को बढ़ावा देने के लिए संचालित एमवीएम बाघिमा पालकोट फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड गुमला की कोषाध्यक्ष करुणा देवी ने लोकल 18 को बताया कि यहां रागी मिशन की शुरुआत 2022 ई में हुई थी. जिसमें 1500 दीदीयां जुड़ी हुई हैं और लगभग सभी काम कर रही हैं. हमलोग रागी की खेती भी खुद से कर रहे हैं और रागी से विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट भी बना रहे हैं. जैसे हमलोग रागी का लड्डू, बिस्किट, नीमकी, ठेकुआ, मिक्चर, भुजिया आदि ये सारे आइटम बना रहे हैं. साथ ही गुमला शहर के जशपुर रोड तेलंगा खड़िया स्टेडियम के समीप मिलेट कैफे के नाम से एक दुकान है. जहां रागी का समोसा, इडली, आलू चाप, पीठा इत्यादि भी बनाया जाता है. हमलोग का प्रोडक्ट ऑनलाइन भी अमेजॉन, ब्लिंकिट आदि के माध्यम से भी बिक्री हो रहा है. जिससे देश के कोने-कोने में हमारे द्वारा बनाया गया प्रोडक्ट पहुंच रहा है. एक समय ऐसा था कि हम महिलाएं घर तक ही सीमित थी लेकिन अब बाहर निकल कर काम कर रही हैं. इससे हमलोगों के जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया. हमलोग के बच्चे प्राइवेट स्कूलों पर पढ़ पा रहे हैं. इतना ही नहीं बल्कि अच्छा खान-पान एवं अच्छा कपड़ा भी पहन पा रहे हैं जो रागी मिशन के कारण ही संभव हो पाया. हमलोगों को बहुत ही अच्छा लग रहा है.
सदस्य असनीता इंदवार ने लोकल 18 को बताया कि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़कर हमलोग 15 सौ दीदियां काम कर रहे हैं. पहले बेरोजगार थे, कुछ रोजगार नहीं था और यहां जुड़कर हमलोगों के जीवन में बहुत बदलाव आया है. जैसे कि पहले घर से बाहर नहीं निकल पाते थे, अभी बाहर निकल रहे हैं और रागी मिशन से जुड़कर काम कर रहे हैं. हमलोगों का देश-विदेश में भी पहचान बना. हमलोगों द्वारा रागी से बनाया गया प्रोडक्ट केवल जिला में नहीं बल्कि पूरे राज्य और देश में भी पहुंच रहा है. रागी मिशन से जुड़कर ही हम लोगों को पहचान मिला. एक समय ऐसा था कि रागी का खेती करना भी लोग बंद कर दिए थे अभी अच्छा खेती भी हो रहा है और उससे विभिन्न तरह के आइटम भी हमलोग बना रहे हैं. जिससे हमलोगों का घर परिवार भी अच्छा से चल रहा है और अच्छी आमदनी भी हो रही है .
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