गुमला नगर परिषद के प्रशासक मनीष कुमार ने लोकल 18 को बताया कि लगातार गुमला नगर परिषद श्रेत्र में जो दुकानें हैं हम लोग उनका आवंटन करते आ रहे हैं. इससे कई परिवार की आजीविका और परिवार चलता है. ऐसे में गुमला शहर में और दुकानें बनाने की योजना है. गुमला शहर में जो भूमि कमर्शियल स्पेस के लिए उपयुक्त है उसका उपयोग….
नगर परिषद की योजना है कि शहर के मुख्य सड़कों के किनारे फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले सभी छोटे व्यवसायियों को यहां शिफ्ट किया जाए. इससे मुख्य सड़कों पर हो रहे अतिरिक्त जाम और अतिक्रमण में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी. यह पहल शहर के सुंदरीकरण और व्यवस्थित बाजार व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. यदि योजना समय पर पूरी हो जाती है, तो इससे न केवल शहर की तस्वीर बदलेगी, बल्कि आम नागरिकों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा.
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजेश लोहानी ने बताया कि दुकान बनने से शहर के लोगों को सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित बाजार व्यवस्था मिलेगा. गुमला में मार्केट डेवलप होगा इतना ही नहीं मुख्य सड़कों पर सड़क जाम और अतिक्रमण में भी कमी आएगी.
गुमला नगर परिषद के प्रशासक मनीष कुमार ने लोकल 18 को बताया कि लगातार गुमला नगर परिषद श्रेत्र में जो दुकानें हैं हम लोग उनका आवंटन करते आ रहे हैं. इससे कई परिवार की आजीविका और परिवार चलता है. ऐसे में गुमला शहर में और दुकानें बनाने की योजना है. गुमला शहर में जो भूमि कमर्शियल स्पेस के लिए उपयुक्त है उसका उपयोग भविष्य में कुछ और काम के लिए प्रयोग किया जा सकता है. ऐसी जगहों पर फिलहाल परमानेंट दुकान न बनाकर टेंपरेरी दुकान बनाने की योजना है जो लोहा, स्टील, अल्युमिनियम आदि की होंगी. इन दुकानों का साइज 8/7 फिट या 7/6 फिट रखा जाएगा जाएगा. इन्हें सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाकर फुटपाथ दुकानदार को आवंटित किया जाएगा. इससे उस जगह का भी उपयोग होगा और लोगों का परिवार भी चलेगा. इसके साथ ही नगर परिषद को भी कुछ राजस्व प्राप्त होगा.
इस बारे में उपायुक्त महोदया से बात हुई है. वह भी कुछ फंड के लिए राजी हुई हैं. हम लोगों ने उसका डीपीआर भी तैयार कर लिया है. नगर निकाय का चुनाव नहीं होता, तो हमलोग इसे लागू करते, लेकिन अभी नगर निकाय का चुनाव हो चुका है तो हमलोग चाहते हैं कि बोर्ड में ही इस बात को रखें. यदि बोर्ड इस पर सहमति देता है तो तुरंत हमलोग काम चालू करेंगे. परमानेंट दुकान बनाई जाएं या टेंपरेरी या वहां कुछ और चीज बनाया जाए यह शहर की जनता को मीटिंग में तय करना है. शहर की जनता ने जनप्रतिनिधि को नगर परिषद कार्यालय चुनकर भेजा है इसलिए हम लोग जनप्रतिनिधि से विचार करके उस पर डिसीजन लेंगे.
दुकान लेने की प्रक्रिया नार्मल है. पहले हम लोग उसका रेट निर्धारण करेंगे. उसके बाद मीडिया न्यूज पेपर के जरिए सभी को अवगत कराते हुए आवेदन करने की प्रक्रिया और तिथि के साथ आवेदन के लिए आमंत्रित करेंगे. उसके बाद लॉटरी के जरिए दुकानदारों को दुकान आवंटित की जाएगी.
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