जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है. जिले के वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर अधिकारियों और कर्मियों ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की सामूहिक शपथ ली और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई.
इसके तहत जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है. जिले के वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर अधिकारियों और कर्मियों ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की सामूहिक शपथ ली और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई.
क्या है ‘राहवीर योजना’
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले नेक मददगारों (Good Samaritans) को अब ‘राहवीर योजना’ के तहत 25,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आम लोगों को प्रेरित करना है. अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या आधी करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है.
31 जनवरी तक चलेगा जागरूकता अभियान
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के तहत यह जागरूकता रथ 31 जनवरी तक जिले के सभी दस प्रखंडों और अनुमंडल मुख्यालयों के सुदूर क्षेत्रों में पहुंचेगा. रथ के माध्यम से लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री द्वारा लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों और राहवीर योजना की जानकारी दी जाएगी.
युवाओं से विशेष अपील
उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की क्षति की भरपाई संभव नहीं है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और तेज रफ्तार से बचें. उन्होंने भावुक उदाहरण देते हुए कहा कि आपदा राहत कोष से मिलने वाला मुआवजा उस मां के दर्द को कम नहीं कर सकता, जिसने अपना बेटा खो दिया हो.
जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय
अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने कहा कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सबसे जरूरी है लोगों का जागरूक होना. लापरवाही से वाहन चलाना न केवल चालक, बल्कि पूरे परिवार के लिए संकट बन जाता है. प्रशासन गांव से लेकर शहर तक लोगों को यह संदेश देगा कि आपकी जिंदगी कीमती है, आपके परिवार को आपकी जरूरत है.
पांच सूत्रों पर जोर
अभियान के दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे में वाहन न चलाना और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद करने जैसे पांच प्रमुख सुरक्षा सूत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया. कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मियों ने हस्ताक्षर पट्ट पर हस्ताक्षर कर इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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