मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के ऐसे पाट क्षेत्र जहां वर्तमान में निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी अधिक है, उनके लिए खास पहल की गई है. ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए जिले के 58 चिन्हित पाट क्षेत्रों में एएनएम (ANM) की तैनाती किया गया है. जिसके लिए मासिक कैलेंडर जारी किया है.
इस पहल के अंतर्गत जिला के बिशुनपुर, घाघरा, डुमरी, जारी एवं चैनपुर प्रखंडों के पाट क्षेत्रों में निवास करने वाले आम जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित क्षेत्रों के सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्लू एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है.निर्देश के मुताबिक वे प्रत्येक माह कम से कम एक बार पाट क्षेत्रों के गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे.
स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सामान्य ओपीडी एवं दवा वितरण, एएनसी सेवाएं, टीकाकरण, रक्तचाप एवं शुगर की जांच, सिकल सेल स्क्रीनिंग, हिमोग्लोबिन जांच की जाएगी. इसके साथ, टीबी स्क्रीनिंग, मलेरिया जांच, कुष्ठ रोगियों की पहचान, स्कूल स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग, कैंसर स्क्रीनिंग, जागरूकता कार्यक्रम तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी .
इसके लिए उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगी. वहीं उपायुक्त के गोपनीय कार्यालय द्वारा भी प्रतिदिन इसकी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सेवाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो .
उपायुक्त ने जिले के पाट क्षेत्रों के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एएनएम या स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से भ्रमण नहीं करते हैं, तो इसकी सूचना सीधे उपायुक्त कार्यालय को दे सकते हैं. नागरिक उपायुक्त के फेसबुक आईडी ‘DC Gumla’ अथवा ट्विटर हैंडल @DCGumla पर संदेश भेजकर जानकारी साझा कर सकते हैं. जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के सुदूर पाट क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचें.साथ ही, नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार हो और उन्हें बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके.
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