इस विशेष जांच अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के तहत पिछले 24 घंटों में कुल 4 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया. प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने जिले के लापरवाह वाहन चालकों को सख्त संदेश दिया है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
गुमला में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए जिला प्रशासन की अनोखी पहल ,एक और जुर्माना त
इस विशेष जांच अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के तहत पिछले 24 घंटों में कुल 4 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया. प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने जिले के लापरवाह वाहन चालकों को सख्त संदेश दिया है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इसके साथ ही जिला परिवहन विभाग भविष्य की पीढ़ी यानी बच्चों को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने की भी कोशिश कर रहा है. इसी उद्देश्य से डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. इस क्रम में राजकीयकृत उच्च मध्य विद्यालय, अरमई में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े वास्तविक वीडियो फुटेज दिखाए गए. सीसीटीवी कैमरों में कैद इन भयावह हादसों को देखकर बच्चे सिहर उठे. इस दौरान उन्हें बताया गया कि कैसे एक सेकंड की लापरवाही किसी खुशहाल परिवार को तबाह कर सकती है. डीटीओ ने तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं, जिससे एक मानक हेलमेट आसानी से बचा सकता है.
डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए अभिभावकों को खुद रोल मॉडल बनना होगा. उन्होंने कहा कि जब घर के बड़े ही हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों का पालन करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं. माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं. अगर वे खुद हेलमेट पहनकर वाहन चलाएंगे तो बच्चे भी इसे एक अच्छी आदत के रूप में अपनाएंगे.
इस अभियान का बच्चों पर गहरा असर देखने को मिला. सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने माता-पिता को बिना हेलमेट या सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने नहीं देंगे. बच्चों ने यह भी संकल्प लिया कि अगर उनके परिजन तेज रफ्तार में वाहन चलाएंगे तो वे तुरंत उन्हें सावधान करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षित और धीमी गति से वाहन चलाने के लिए प्रेरित करेंगे.
डीटीओ ने बताया कि प्रशासन का यह अभियान केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है. गुमला के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से लगातार लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज रफ्तार के खतरों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि लोगों की जान अनमोल है और सड़क पर लापरवाही से बचते हुए सुरक्षित सफर करना सभी की जिम्मेदारी है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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