गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 26 फरवरी से होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए नकल रोकने का मास्टर प्लान तैयारी किया गया है। सूरत से 1.60 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर ‘पश्चाताप पेटी’ रखी जाएगी। स्टूडेंट्स परीक्षा खंड में प्रवेश से पहले नकल का सामान या चिट इसमें डाल सकते हैं, लेकिन क्लास के भीतर नकल करते पकड़े गए तो उत्तरपुस्तिका पर ‘लाल स्याही’ से मार्किंग की जाएगी और छात्र पर दो साल तक बैन लग सकता है। इसबार सीसीटीवी कैमरे से नजर रखने को आईटी प्रोफेशनल्स तैनात रहेंगे। लापरवाही पर स्टाफ के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इस बार बोर्ड ने सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बीसीए, एमसीए पास आईटी एक्सपर्ट्स को नियुक्त किया है, जिन्हें प्रति सत्र मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि कोई सुपरवाइजर या शिक्षक ड्यूटी में लापरवाही बरतता है। या नकल में मदद करता पाया जाता है, तो उसका मानदेय रोकने के साथ-साथ उसकी सर्विस बुक में हमेशा के लिए ‘रेड एंट्री’ की जाएगी, जो भविष्य में उनके प्रमोशन में बाधक बनेगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों छात्र की मदद करते हैं तो ब्लैकलिस्ट होंगे।
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