ग्राम पंचायत मेहरावना के स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, टुंगरौली की बदहाल स्थिति छात्र-छात्राओं व अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। भवन के अत्यंत जर्जर होने के कारण सभी कक्षाओं के विद्यार्थी गांव स्थित बारात घर के एक कक्ष में ही शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं। दो साल से विद्यालय भवन निर्माण संबंधी प्रस्ताव की शासन में लटकी फाइल पर भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
जर्जर हालत को देखते हुए किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने विद्यालय को अस्थायी रूप से बारात घर में संचालित करने का निर्णय लिया है। चकराता ब्लॉक के ग्राम टुंगरी में वर्ष 2006 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हुआ था। समय बढ़ने व मरम्मत के अभाव में विद्यालय भवन जर्जर होता चला गया।
बच्चे एक कक्ष में ही सभी कक्षाओं की पढ़ाई कर रहे
दो साल पहले स्थिति इतनी बदहाल हो गई कि हल्की बारिश में भी भवन की छत टपकने लगी। विद्यालय में शिक्षारत 23 बच्चों को अभिभावकों ने सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालय भेजना बंद कर दिया। शिक्षा विभाग ने ग्रामीणों की सहायता से सभी बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था बारात घर के एक कक्ष में करा दी, तब से लेकर अभी तक बच्चे एक कक्ष में ही सभी कक्षाओं की पढ़ाई कर रहे हैं।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष रमेश, खजान, प्रताप सिंह, जवाहर सिंह नेगी, रमेश नेगी ने बताया शिक्षा विभाग से निरंतर भवन निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने बताया शिक्षा विभाग के माध्यम से शासन को इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
एक कक्षा में पहली से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों को पढ़ाना कठिन कार्य है, लेकिन मजबूरी के चलते शिक्षकों की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके। – प्रवीण कुमार, प्रधानाध्यापक
पुराने विद्यालय भवन का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है। नए भवन निर्माण के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शासन में कार्रवाई गतिमान है। धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रारंभ करा दिया जाएगा। – बुशरा, खंड शिक्षा अधिकारी, चकराता
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