शनिवार शाम करीब 5:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव पिपराइच लाया गया। परिजनों को अंतिम दर्शन कराने के बाद रामघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजन लगातार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते रहे। पुलिस का कहना है कि बरामद बाइक आरोपी विनय की ही है, जिसे उसने अपने रिश्तेदार के घर छिपाया था। फिलहाल आरोपियों के परिजन और रिश्तेदार हिरासत में हैं।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी की टीमें तैनात कर दी गई हैं। आरोपियों के घरों पर नाराज ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारी लगातार गांव का भ्रमण कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बना हुआ है। एसडीएम स्तर पर रखी गई मांगों—आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को नौकरी और कृषि भूमि आवंटन—पर कार्रवाई न होने से नाराजगी बढ़ी है। एसपी नार्थ और सीओ चौरीचौरा ने थाने और गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तोड़फोड़ के बाद आरोपियों के मकानों और आसपास के इलाकों में सामान बिखरा पड़ा है, जिसे सुरक्षित कराने की मांग की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद था। सुधीर इंस्टाग्राम पर लगातार रील और स्टेट्स पोस्ट करता था। वह अक्सर दबंगई भरे डायलॉग लिखता था। 26 दिसंबर को भी उसने एक विवादित स्टेट्स पोस्ट किया था, जिसमें धमकी भरे शब्द लिखे गए थे। इसी के बाद आरोपी युवकों ने उस पर हमला किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले फायर में गोली चूक गई। इसके बाद दो आरोपियों ने सुधीर को पकड़ लिया और उसके सीने में गोली मार दी। सुधीर दिनभर रील बनाता था और इंस्टाग्राम पर उसकी 100 से अधिक रील थीं। ग्रामीणों का कहना है कि सोशल मीडिया पर रील और स्टेट्स के चलते ही यह रंजिश हत्या में बदल गई।
पुलिस ने बताया कि तीन दिन पहले भी सुधीर का गांव के कुछ लड़कों से विवाद हुआ था। गांव में कई गुट हैं, जिनके बीच वर्चस्व को लेकर झगड़े होते रहते हैं। पहले बुजुर्ग बीच-बचाव कर मामला शांत करा देते थे, लेकिन इस बार इंस्टाग्राम पर चल रहे ‘सोशल वार’ ने हालात बिगाड़ दिए।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज के खेल मैदान में सुधीर अपने चचेरे भाई गोलू को बाइक चलाना सिखा रहा था, तभी हमलावर वहां पहुंचे और गोली मार दी। गोलू किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहा। वारदात के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को बाइक पर लादकर आरोपी के घर पहुंचे, जहां जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया गया। इसके बाद हनुमान चौराहे पर सड़क जाम कर दी गई थी। पुलिस अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।
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