गोपालगंज जिले के शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। जिले के बरौली प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय हलवाड़ में कार्यरत शिक्षक मोहम्मद ग्यासुद्दीन ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारियों ने उनका बकाया वेतन जारी करने के बदले 8 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इस मामले से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
2015 से रोक दिया गया था शिक्षक का वेतन
शिक्षक मोहम्मद ग्यासुद्दीन का वेतन साल 2015 से अटका हुआ था। उन्होंने कई बार विभागीय कार्यालयों का चक्कर लगाया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। मजबूर होकर उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर उनका लगभग 22 लाख रुपये का बकाया वेतन स्वीकृत कर दिया गया।
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वायरल ऑडियो ने बढ़ाया मामला
इसी बीच कई ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन ऑडियो में कथित रूप से डीपीओ स्थापना, उनके गाड़ी चालक और क्लर्क बाबुजान अंसारी की आवाज बताई जा रही है। वायरल ऑडियो में शिक्षक से कहा जा रहा है, ‘वेतन तो हो गया, अब उसके बदले 8 लाख रुपये दे दो, नहीं तो अंजाम बुरा होगा…। “कुछ ऑडियो में कार्यालय में पैसे लाने या गोपालगंज बाईपास रोड पर मिलने की बात तक कही गई है। हालांकि इन ऑडियो की पुष्टि अमर उजाला ने नहीं की है। शिक्षक का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर उन्हें कई बार धमकाया गया।
डीईओ ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया
मामले की जानकारी मिलते ही डीईओ योगेश कुमार ने इसे गंभीर बताते हुए शिक्षक का आगे का वेतन सुचारू करने और फिक्सेशन प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
जब ऑडियो की प्रति तिरहुत स्नातक क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य बंशीधर ब्रजवासी तक पहुंची, तो उन्होंने सदन में इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया।
उन्होंने कहा,“शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक शोषण के शिकार नहीं बन सकते।” उन्होंने डीपीओ स्थापना, क्लर्क और ड्राइवर पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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