Jharkhand board exams: संस्था के संचालक प्रणय शंकर आदित्य ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि बीते तीन वर्षों में उनके यहां से पढ़ने वाले किसी भी छात्र ने आज तक परीक्षा में असफलता का सामना नहीं किया है. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि लगभग 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है. जो इस निःशुल्क शिक्षा मॉडल की गुणवत्ता और समर्पण को दर्शाता है.
महागामा के केंचुआ चौक स्थित “क्लासें फॉर मी” नामक संस्था आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. यह संस्था विशेष रूप से झारखंड बोर्ड के 10वीं कक्षा के छात्रों को निःशुल्क ट्यूशन उपलब्ध कराती है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह संस्था किसी वरदान से कम नहीं है जो महंगे कोचिंग संस्थानों का खर्च उठाने में असमर्थ है.
संस्था के संचालक प्रणय शंकर आदित्य ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि बीते तीन वर्षों में उनके यहां से पढ़ने वाले किसी भी छात्र ने आज तक परीक्षा में असफलता का सामना नहीं किया है. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि लगभग 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है. जो इस निःशुल्क शिक्षा मॉडल की गुणवत्ता और समर्पण को दर्शाता है.
वर्तमान समय में “क्लासे फॉर मी” में करीब 55 से 60 छात्र नियमित रूप से 10वीं की पढ़ाई कर रहे है. यहां छात्रों को गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे मुख्य विषयों की गहन तैयारी कराई जाती है. खास बात यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को परीक्षा से जुड़े मानसिक तनाव से बाहर निकालने समय प्रबंधन और उत्तर लेखन की भी विशेष ट्रेनिंग दी जाती है.
संस्था से जुड़े युवा शिक्षक बताते है कि उनका उद्देश्य सिर्फ परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना है. यही वजह है कि यहां पढ़ने वाले छात्र न केवल अच्छे अंक लाते है. बल्कि आगे की पढ़ाई के लिए भी खुद को मानसिक रूप से मजबूत महसूस करते है.
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि “क्लासें फॉर मी” ने उनके बच्चों के सपनों को नई उड़ान दी है. वे मानते हैं कि अगर ऐसी पहल हर प्रखंड में शुरू हो जाए तो सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी. महागामा की यह युवा टीम साबित कर रही है कि अगर इरादे मजबूत हो तो बिना किसी शुल्क के भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. झारखंड बोर्ड परीक्षा से पहले यह प्रयास न सिर्फ छात्रों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है.
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