बेगूसराय के सांसद Qj केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जिले के बीपी स्कूल परिसर में प्रस्तावित अल्पसंख्यक छात्रावास के निर्माण को लेकर गहरी आपत्ति की है। उन्होंने कहा है कि बीपी स्कूल दशकों से जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के समग्र दक्षता निर्माण के लिए प्रसिद्ध रहा है। यह विद्यालय किसी विशेष भाषा या समुदाय आधारित विद्यालय नहीं है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि यह न उर्दू विद्यालय है और न ही यहां अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की संख्या ऐसी है जो इस प्रकार के छात्रावास की आवश्यकता को उचित ठहराती हो। विद्यालय परिसर की मूल्यवान भूमि को किसी एक विशेष समुदाय के लिए समर्पित करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होगा। कहा- खेलकूद की व्यवस्था बाधित होगी उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस निर्माण से छात्रों के लिए उपलब्ध खुला मैदान और खेलकूद की व्यवस्था बाधित होगी। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और सर्वांगीण विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बीपी स्कूल लंबे समय से जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र रहा है। जहां विभिन्न पृष्ठभूमि के छात्र शिक्षा हासिल करते हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे में विद्यालय की मूल संरचना और माहौल को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है। इस विषय को लेकर पहले भी डीएम, डीईओ और बीपी स्कूल के प्राचार्य से बात की जा चुकी है। प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कथित रूप से अवैध हस्ताक्षरों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की शिकायत सामने आई है। यह जांच के दायरे में है, यदि अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण करना ही है तो उसे ऐसे विद्यालय में बनाया जाए जहां वास्तव में उर्दू माध्यम या अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की संख्या अधिक हो, जिससे उसका वास्तविक लाभ लक्षित छात्रों तक पहुंच सके। विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों के हित और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार किया जाए।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.