गया में मनसरवा नाला के विस्तारीकरण और पक्कीकरण को लेकर आज समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नगर आयुक्त, आरसीडी के अभियंता, अनुमंडल पदाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। मनसरवा नाला गया नगर निगम के 18 प्रमुख नालों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई 3.02 किलोमीटर है। यह नाला नगर निगम के वार्ड संख्या 40, 44, 45, 46 और कुछ पंचायत क्षेत्रों की लगभग 2 लाख आबादी को प्रभावित करता है। मशीनों का उपयोग करके पूरी होती सफाई नाला मानसरोवर कॉलोनी से शुरू होकर मधुसूदन कॉलोनी, लोयला स्कूल, पंत नगर, अशोक विहार, बाईपास, घुंघड़ीटांड, नारायणीमाई पुल, मयूर विहार कॉलोनी और विष्णुपूरी कॉलोनी, लखनपुरा से गुजरता है। यह फल्गु नदी के समानांतर बहते हुए ब्राह्मणी घाट के पास फल्गु नदी में मिलता है। नाले की नियमित सफाई वार्ड और भूगर्भ सफाईकर्मियों द्वारा की जाती है, और मानसून से पहले लगभग 1600 मानवदिवस और मशीनों का उपयोग करके पूरी सफाई की जाती है। चूंकि नाला पूरी तरह से कच्चा है, इसलिए इसमें कम समय में ही अत्यधिक गाद भर जाती है, जिससे लगातार सफाई की आवश्यकता पड़ती है। इसी कारण पूरे नाले का पक्कीकरण आवश्यक है। कच्चे हिस्सों का तेजी से पक्कीकरण कराने का निर्देश जिलाधिकारी ने कच्चे हिस्सों का तेजी से पक्कीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नाला निर्माण के दौरान लेवलिंग की अनिवार्य रूप से जांच की जाए, ताकि कहीं भी जल जमाव न हो। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने नाले के रास्ते में मौजूद अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे हटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में बंगाली आश्रम से विष्णुपद जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में यह सड़क 5.50 मीटर चौड़ी है, लेकिन पितृपक्ष मेला के दौरान इस पर यातायात और पैदल यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से सड़क को 7 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला 2026 को ध्यान में रखते हुए हर हाल में जुलाई 2026 तक सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा करवा लिया जाए। साथ ही चौड़ीकरण में बीच सड़क पर आने वाले बिजली खंबो को एकदम साइड में शिफ्ट करवाये ताकि ट्रैफिक मूवमेंट आसान रहे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले आकर्षक साइन बोर्ड जगह-जगह पर लगावे ताकि मोक्ष भूमि का और अधिक प्रचार हो सके। उन्होंने कहां कि सड़क पर कहीं भी जल जमाव नहीं हो इसको ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण करवाये, इसे वर्क प्लान में डालते हुए ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार करें। सड़क चौड़ीकरण में नगर निगम के जलापूर्ति पाइपलाइन कहीं क्षतिग्रस्त नहीं हो इसे देखते हुए और गहराई में पाइप लाइन को शिफ्ट करवाये।
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