Rose Gardening Tips : छत्तीसगढ़ में होम गार्डनिंग का शौक बढ़ रहा है. महासमुंद जिले के सरायपाली के गार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलाल पटेल ने डच रोज, आबारा का डाबरा और पुणे डबल डिवाइन गुलाब की जानकारी दी. 50 – 80 रुपये में मिलने वाले ये पौधे 12 – 14 इंच गमले में वर्मीकम्पोस्ट के साथ लगाने पर सुंदर, बड़े और खुशबूदार फूल देते हैं.
अनोखी चितकबरी बनावट के लिए पहचानी जाती
एक्सपर्ट हेमलाल पटेल के अनुसार गुलाब की पहली किस्म डच रोज है, जो दिखने में बेहद आकर्षक होती है. हालांकि डच वेरायटी में खुशबू नहीं होती, लेकिन इसके फूल बड़े और रंगों में बेहद सुंदर होते हैं. यही कारण है कि सजावट और गार्डन की शोभा बढ़ाने के लिए इस किस्म की काफी मांग रहती है. दूसरी किस्म आबारा का डाबरा गुलाब है, जो अपनी अनोखी चितकबरी बनावट के लिए पहचानी जाती है. इस किस्म के फूल बेहद खूबसूरत होते हैं और देखने में अलग ही आकर्षण पैदा करते हैं. तीसरी और सबसे खास किस्म पुणे वाला डबल डिवाइन गुलाब है, जिसकी खुशबू बहुत ही मनमोहक होती है. इस किस्म के फूल न सिर्फ बड़े आकार के होते हैं, बल्कि यह कई रंगों में उपलब्ध होते हैं, जिससे गार्डन और घर की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है.
50 रुपये से लेकर 80 रुपये तक
गार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलाल पटेल ने बताया कि गुलाब के पौधों का दाम उसकी किस्म पर निर्भर करता है. स्थानीय नर्सरी में गुलाब के पौधे 50 रुपये से लेकर 80 रुपये तक आसानी से मिल जाते हैं, जिससे आम लोग भी इन्हें अपने घर या गार्डन में लगा सकते हैं. कम लागत में सुंदर और खुशबूदार फूल मिलने के कारण गुलाब की ये किस्में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं.
गमले में गुलाब लगाने के संबंध में एक्सपर्ट हेमलाल पटेल ने जरूरी टिप्स भी साझा किए. उन्होंने बताया कि गुलाब के पौधे गमले में बहुत आसानी से लगाए जा सकते हैं. इसके लिए कम से कम 12 से 14 इंच आकार के गमले का चयन करना चाहिए, ताकि पौधे की जड़ें अच्छे से फैल सकें. गमले की मिट्टी उपजाऊ होनी चाहिए और उसमें वर्मीकम्पोस्ट खाद जरूर मिलानी चाहिए. इससे पौधे को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और उसकी बढ़वार अच्छी होती है.
उन्होंने आगे बताया कि समय-समय पर गमले की मिट्टी की गुड़ाई करना बेहद जरूरी है. गुड़ाई के दौरान मल्टीविटामिन खाद डालने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और फूल बड़े, ताजे और लंबे समय तक खिलते हैं. सही देखरेख से गुलाब के पौधे अधिक समय तक फूल देते हैं और उनकी रंगत भी बनी रहती है. ठंड के मौसम को गुलाब के लिए सबसे अनुकूल बताते हुए एक्सपर्ट हेमलाल पटेल ने कहा कि इस समय आबारा का डाबरा और डबल डिवाइन गुलाब की मांग सबसे ज्यादा रहती है. ठंड में इन किस्मों में फूलों की संख्या और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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