छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
अमरकंटक को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। यह मां नर्मदा का उद्गम स्थल है और भगवान शिव की तपोस्थली के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसका उल्लेख रामायण और विभिन्न पुराणों में मिलता है। दर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने नर्मदा मंदिर में पूजा-आरती में सहभागिता निभाई और पवित्र नर्मदा जल से अभिषेक कर श्रद्धापूर्वक मत्था टेका। उन्होंने कहा कि अमरकंटक जैसी पावन भूमि पर आकर आध्यात्मिक अनुभूति होती है और यह भारतीय संस्कृति एवं आस्था का सशक्त प्रतीक है।
भूपेश बघेल का यह धार्मिक दौरा न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी इसकी विशेष महत्ता रही। अमरकंटक भारतीय धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख केंद्र है, जो देशभर के श्रद्धालुओं को आस्था के सूत्र में बांधता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की उपस्थिति और धार्मिक वातावरण ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। दर्शन उपरांत उन्होंने कहा कि मां नर्मदा की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, एन.एस.यू.आई. प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, और जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अध्यक्ष गजमति भानू भी उपस्थित रहे।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.