पिथौरागढ़ में ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की संभावित घटनाओं की रोकथाम, त्वरित नियंत्रण एवं विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से मॉकड्रिल की गई।
मॉकड्रिल का शुभारंभ फॉरेस्ट गेस्ट हाउस से किया गया। वन पंचायत बजेटी क्षेत्र में वनाग्नि की काल्पनिक सूचना कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। इस पर त्वरित रूप से वन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, राजस्व विभाग एवं पर्यावरण वाहिनी को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक निर्धारित समयावधि में आवश्यक उपकरणों सहित एकत्रित हुए।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने सभी टीमों को ब्रीफिंग दी। उन्होंने वनाग्नि की परिस्थितियों में प्राथमिकता निर्धारण, जनसुरक्षा, समन्वित कार्रवाई, संचार प्रणाली की सक्रियता एवं संसाधनों के सुव्यवस्थित उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहां पहुंचकर टीम को चार ग्रुप में बांट कर कार्य सौंपा गया। सभी ने समन्वय के साथ आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग में झुलसे लोगों को प्राथमिक इलाज देकर एंबुलेंस से नजदीकी चिकित्सालय भेजने का अभ्यास भी किया गया। वहां उपप्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, रेन्जर दिनेश जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह आदि थे।
जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने आम लोगों से जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील की है। उन्होंने जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील पदार्थ खुले में नहीं फेंकने, किसी भी प्रकार की वनाग्नि की सूचना तत्काल नजदीकी वन कार्यालय एवं संबंधित अधिकारियों को देने का भी अनुरोध किया है।
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