मोगा में प्रवासी मजदूरों पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-26 अनाज मंडी में पल्लेदारी का काम करने वाला अमन शर्मा (27) इस साजिश में हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी निकला।
पंजाब पुलिस ने उसे जम्मू-कश्मीर से उसके रिश्तेदार शुभम शर्मा के साथ गिरफ्तार किया है। जम्मू के रहने वाले आरोपी का क्रिमिनल बैक ग्राउंड अभी सामने नहीं आया है।
सामान्य मजदूर की तरह रहता था आरोपी
जांच में सामने आया है कि अमन शर्मा लंबे समय से मंडी में पल्लेदारी कर रहा था और पुलिस से बचने के लिए सामान्य मजदूर की तरह रह रहा था। बड़ा सवाल है कि हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी खुलेआम मंडी में काम करता रहा और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पूरे मामले में अब तक तीनों शूटरों समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों से दो हैंड ग्रेनेड, दो पिस्टल, एक कारतूस और चार खाली खोल बरामद किए गए हैं।
लक्खा बुट्टर के संपर्क में था अमन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अमन शर्मा और शुभम शर्मा मुख्य शूटरों के लिए हथियार मुहैया करवा रहे थे। दोनों कथित तौर पर लक्खा बुट्टर नाम से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति के संपर्क में थे।
पुलिस इस आईडी की जांच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि व्यक्ति कहां छिपा है और उसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं। डीआईजी फरीदकोट रेंज नीलांबरी जगदले विजय ने बताया कि अमन और शुभम बैकअप शूटर की भूमिका में थे। यदि मुख्य शूटर वारदात को अंजाम नहीं देते तो ये दोनों घटना को अंजाम देने के लिए तैयार थे। नीलांबरी ने खुद अमन शर्मा से पूछताछ की है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि हथियार सप्लाई करने में चंडीगढ़ में उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।
पैसे के लालच में हथियार सप्लाई कर रहा था अमन
प्रारंभिक जांच के अनुसार अमन शर्मा आसान पैसे के लालच में हथियार सप्लाई कर रहा था। वह चंडीगढ़ में किराए के मकान में रह रहा था और आरोपियों को हथियार देने खुद गया था। अब मोगा पुलिस चंडीगढ़ कनेक्शन की गहराई से जांच में जुटी है। निलांबरी जगदले चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी थीं।
लक्खा बुट्टर के संपर्क में किसके जरिये आया पुलिस लगा रही पता
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमन शर्मा लक्खा बुट्टर के संपर्क में किसके जरिये आया और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है। चंडीगढ़ में उसकी गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम टीमें सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं हो सकता।
10 फरवरी की वारदात, तीनों शूटर गिरफ्तार
10 फरवरी को जीरा रोड पर प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में शामिल तीन शूटरों आकाशदीप सिंह और जौबनप्रीत सिंह को 15 फरवरी को मोगा के गांव घलकला में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया जबकि तीसरे शूटर शाहबीर सिंह को 17 फरवरी को मोहाली से यमुनानगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 23 फरवरी को मोगा पुलिस ने शाहबीर सिंह को हरियाणा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर अदालत में पेश किया और रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर फिरोजपुर जिले के गांव भंगाली से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए।
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