जबलपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हालांकि, सिलेंडर की कालाबाजारी और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन अब सख्त कार्रवाई के मूड में है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि किसी रेस्टोरेंट या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कलेक्टर ने क्या बताया?
कलेक्टर ने बताया कि हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाहों के कारण लोग घबराकर बड़ी संख्या में बुकिंग कर रहे हैं। इससे सर्वर पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और कई उपभोक्ताओं को ओटीपी नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही कई लोग तय 25 दिन की अवधि पूरी होने से पहले ही दोबारा बुकिंग कर रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है।
गैस एजेंसियों पर प्रशासनिक निगरानी
कलेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से जिले की सभी गैस एजेंसियों पर निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। ये अधिकारी गैस वितरण व्यवस्था पर नजर रखेंगे और कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
पांच दिन में आईं 40 शिकायतें
प्रशासन के अनुसार पिछले पांच दिनों में गैस सिलेंडर से जुड़ी करीब 40 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 22 शिकायतें उपभोक्ताओं को ओटीपी नहीं मिलने से संबंधित थीं, जबकि बाकी शिकायतें उज्ज्वला योजना से जुड़ी बताई गई हैं।
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रेस्टोरेंट से जब्त किए गए घरेलू सिलेंडर
प्रशासनिक जांच के दौरान एक रेस्टोरेंट से पांच घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और संयम बनाए रखें। उन्होंने बताया कि पहले दूसरी बुकिंग 21 दिनों बाद होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
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