उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट में बुधवार को जज ने भट्ट दंपति की जमानत याचिका को खारिज करने के आदेश जारी किए।
30 करोड़ की धोखाधडी के आरोप में उदयपुर जेल में बंद फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को राहत नहीं मिली है। उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट में बुधवार को जज ने भट्ट दंपति की जमानत याचिका को खारिज करने के आदेश जारी किए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने
उदयपुर की दोनों कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर अब भट्ट दंपति को जमानत के लिए जोधपुर हाइकोर्ट जाना पड़ेगा। इसी मामले में अन्य आरोपी दिनेश कटारिया की अग्रिम जमानत याचिका पर भी उदयपुर की एडीजे कोर्ट-3 में 6 जनवरी को सुनवाई होनी है।
फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 7 दिसंबर उदयपुर पुलिस ने पकड़ा था, जहां 1 सप्ताह की रिमांड के बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। उधर, हाईकोर्ट में भी अब छुटि्टयां होने से भट्ट दंपति को नए साल के बाद भी जेल में रूकना पड़ सकता है।
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 7 दिसंबर को मुंबई के उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। एक सप्ताह की रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
भट्ट के अधिवक्ता कमलेश दवे ने बताया कि इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 से जमानत खारिज होने के बाद उनके वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर शनिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन जज के छुट्टी पर होने से लगातार 3 बार इस मामले में सुनवाई टलती रही। इसके बाद मंगलवार को उदयपुर की महिला उत्पीडन कोर्ट में जमानत पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में बुधवार को इसके आदेश दिए।
एसीजेएम कोर्ट-4 जज ने जमानत की थी खारिज इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 जज ने उनकी जमानत को खारिज करते हुए कहा था कि जमानत दिए जाने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही बीएनएस की धारा-338 का मामला होने से गैर जमानती है। याचिका खारिज किए जाने का बड़ा कारण यह भी था। हालांकि कोर्ट ने दो दिन तक याचिका पर सुनवाई की, इसके बाद आदेश सुरक्षित रखा था।
भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में हुई थी FIR दर्ज राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट से फिल्म बनाने के लिए 42 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया था। धोखाधड़ी का एहसास होने पर 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद उदयपुर पुलिस ने भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से पकड़ा था।
भट्ट दंपती 7 दिसंबर को फ्लैट से हुए थे गिरफ्तार वहीं, विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 7 दिसंबर को मुंबई के उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर बेंच) में 9 दिसंबर को विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी पर रोक की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की गिरफ्तारी में जल्दबाजी का रुख अपनाने पर आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।
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