जिला पुलिस ने चार अपराधियों की फाइलें भेजीं हैं मुख्यालय
एक आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं 50 से अधिक केस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सरकार नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चला रही है, लेकिन प्रदेश में नशा तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों को जेल भेजने के मामलों की फाइलें महीनों से मुख्यालय में लटकी हुई हैं। इसमें एक आरोपी के खिलाफ 50 से अधिक केस दर्ज हैं।
ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पुलिस ने लंबे समय से तस्करी कर रहे चार आदतन अपराधियों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने के लिए फाइलें तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजा था। यह फाइलें तीन से पांच महीनों से वहां पर अटकी हुई हैं। इसका फायदा उठाकर यह आदतन अपराधी अभी भी समाज में नशा फैलाने का काम कर रहे हैं। इसमें ऐसे आदतन अपराधियों को शामिल किया है, जिनके खिलाफ एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट समेत अन्य गंभीर अपराधों के तहत कई केस दर्ज हैं।
यह आरोपी हर बार पकड़े जाने के बाद जमानत मिलते ही फिर से नशा तस्करी में जुट जाते हैं। पुलिस ने ऐसे आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत इन्हें तीन महीने के लिए सीधे जेल भेजने की सिफारिश की थी। पुलिस मुख्यालय में फाइलों की स्क्रूटनी (गहन छानबीन) के बाद उन्हें मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजा जाता है लेकिन अभी तक न ही इन फाइलों के प्रस्तावों पर किसी तरह की आपत्ति लगाई है और न ही उन्हें गृह विभाग को भेजा जा रहा है। जिला पुलिस ने पहला मामला 19 जुलाई 2025 को भेजा था जबकि दूसरी फाइल 21 जुलाई को भेजी थी। इसके अलावा 19 सितंबर को दो और आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रस्ताव बनाकर भेजे थे।
तीन आदतन अपराधी भेजे हैं जेल
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट का प्रावधान ऐसे आदतन अपराधियों के लिए किया है, जोकि बार-बार पकड़े जाने के बावजूद नशा तस्करी में संलिप्त रहते हैं। ऐसे लोगों को गृह विभाग की मंजूरी के बाद पहले तीन महीने के लिए जेल भेजा जाता है। इसी अधिनियम के तहत जिला शिमला में अभी तक तीन आदतन अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा कई प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजे हैं। इसमें कुछ मामलों में पाई गई कमियों को पूरा करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।