गोड्डा जिले में किसान रबी की फसल गेहूं की बुवाई में जुटे हैं. कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को ‘सोना कल्याण’ जैसी पुरानी किस्मों के बजाय DSW और DW Wheat जैसी उन्नत वैरायटी अपनाने की सलाह दी है. ये नई किस्में कम पानी और कम लागत में अधिक उपज देती हैं. ये बीज PACS पर सामान्य दर से 50% कम कीमत पर उपलब्ध हैं.
कृषि विज्ञान केंद्र गोड्डा ने इस वर्ष किसानों के लिए नई और उन्नत किस्मों की अनुशंसा की है, जो कम लागत, कम मेहनत और अधिक पैदावार देने में सक्षम हैं. प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशि शेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में किसानों के लिए प्रमुख रूप से दो वैरायटी DSW (डीएसडब्ल्यू) और DW Wheat (डीडब्ल्यू विट) बेहतर विकल्प साबित हो रही हैं.
क्या है बीज की खासियत?
इन वैरायटी की खासियत यह है कि ये कम पानी में भी अच्छी वृद्धि करती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण फसल खराब होने की संभावना कम होती है. किसानों को इस बार अच्छे उत्पादन और लागत में बचत का लाभ मिल सकता है.
शशि शेखर ने बताया कि यह बीज गोड्डा के स्थानीय बाजारों में आसानी से उपलब्ध है. साथ ही जिले के लगभग हर सरकारी पैक्स (PACS) में भी ये गेहूं बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. किसानों को यह बीज सामान्य बाजार की तुलना में लगभग 50% कम दर पर मिल रहा है, जिससे छोटे और मध्यम किसान भी उन्नत किस्मों का उपयोग कर सकेंगे.
कृषि विभाग का कहना है कि उचित बीज, उचित समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने से किसानों की उपज में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है. विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए प्रखंड स्तर पर परामर्श, वितरण शिविर और तकनीकी प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा रहे हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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