इस आंदोलन में खंडवा, खरगोन, बड़वानी और धार जिले से किसान पहुंच रहे हैं। महासंघ के प्रांतीय संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने बताया कि कई दिनों से प्रशासन के साथ मांगों पर चर्चा जारी थी, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण किसान शांतिपूर्ण धरना देने को मजबूर हुए हैं।
कलेक्टर ने लगाया प्रदर्शन व जुलूसों पर प्रतिबंध
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भव्या मित्तल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत बिना अनुमति के जुलूस, धरना, प्रदर्शन और पुतला दहन पर आगामी दो माह के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया है। साथ ही आगामी त्योहारों और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और सोशल मीडिया के संयमित उपयोग को लेकर भी आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है।
ये भी पढ़ें- ‘आलू से सोना’ और ‘प्याज से शैंपू’ पर बहस, रामेश्वर शर्मा ने सदन से मांगी इजाजत
अधिकारियों को सौंपे गए विशेष दायित्व
आंदोलन के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार जैसे कार्यपालिक दंडाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी है। सभी अधिकारी आंदोलन समाप्त होने तक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर स्थिति का जायजा लेते रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग तैयार, एंबुलेंस व डॉक्टर तैनात
अपर जिला दंडाधिकारी रेखा राठौर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि 1 दिसंबर की सुबह 6 बजे से सभी पुलिस थानों पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयां और एंबुलेंस उपलब्ध रहें। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों और स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.