किसान घोलटू कुमार ने कहा कि वह एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं. 90 दिनों में ये फ़सल तैयार होता है. एक सीजन में लगभग 8 लाख रुपए से अधिक की कमाई करते हैं.
अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत छररा पट्टी के किसान घोलटू कुमार जो अपने एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं उन्होंने बताया कि 90 दिनों में ये फ़सल तैयार होता है उन्होंने बताया कि सीजन में लगभग 8 लाख रुपए से अधिक की कमाई करते हैं उन्होंने बताया कि 5 सालों से स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं
स्ट्रॉबेरी की लागत और कमाई का पूरा गणित जानिए
अररिया जिले के किसान घोलटू कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने करीब एक एकड़ जमीन पर पौधे लगाए हैं. एक पौधा उन्हें लगभग 13 रुपये का पड़ा. इस पूरी खेती में ‘मल्चिंग विधि’ और ‘ड्रिप सिंचाई’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. खास बात यह है कि ड्रिप का पूरा सेटअप खुद के द्वारा ही लगाया गया है. लागत की बात करें तो एक एकड़ में खेती करने में करीब 3 से 4 लाख रुपये का खर्च आया है. वहीं, कमाई देखें तो उन्हें बाजार में स्ट्रॉबेरी की कीमत लगभग 400-500 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है.
एक एकड़ भूमि पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे
घोलटू कुमार बताते हैं कि सरकार की योजनाओं और प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती का सपना देखा. शुरुआत आसान नहीं थी,न तो पर्याप्त जानकारी थी और न ही पौधों की व्यवस्था. लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय इसे एक प्रयोग के तौर पर अपनाया. पुणे से स्ट्रॉबेरी के पौधे मंगवाए गए और सावधानीपूर्वक खेतों में लगाए गए. लेकिन धीरे-धीरे फसल तैयार होने लगी और मेहनत का फल नजर आने लगा.
बाजार में स्ट्रॉबेरी की मांग
किसान घोलटू कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके जैसे कई किसान मिलकर अब अररिया के गांव में सिर्फ स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. यहां के किसानों को विशेष लाभ मिल रहे हैं किसान बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती भले ही पारंपरिक फसलों की तुलना में थोड़ी महंगी हो. लेकिन इससे होने वाला लाभ बहुत अधिक है.एक एकड़ में पौधों, ड्रिप सिस्टम, जैविक खाद और देखरेख का खर्च भले ही ज्यादा होता है. लेकिन बाजार में स्ट्रॉबेरी की मांग और कीमत दोनों अच्छी होने से आमदनी कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि सिर्फ 90 दिनों में लाखों रुपए तक की मुनाफा कमाई अर्चित कर रहे हैं उन्होंने बताया कि पीछले 5 सालों से हम स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं।
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