ईरान-इजरायल तनाव का असर अब फरीदाबाद की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है. गैस सप्लाई और लागत बढ़ने की आशंका से उद्योगपति चिंतित हैं. लोकल 18 से 800 कर्मचारियों वाली गारमेंट्स कंपनी के मालिक कुलदीप सिंह कहते हैं कि अगर युद्ध लंबा चला तो प्रोडक्शन, एक्सपोर्ट और रोजगार पर सीधा असर पड़ सकता है. टेक्सटाइल में डाई का काम भी गैस से होता है. गैस के महंगे होने से कपड़ा खुद महंगा हो जाएगा और इसका असर सीधे कस्टमर तक पहुंचेगा
Local 18 से बातचीत में फरीदाबाद की गारमेंट्स कंपनी के मालिक कुलदीप सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी लेडीज गारमेंट्स बनाती है और उनका कारोबार काफी हद तक एक्सपोर्ट पर निर्भर करता है. कुलदीप साफ कहते हैं कि अगर ये युद्ध लंबा चलता रहा तो टेक्सटाइल ही नहीं, लगभग हर इंडस्ट्री इसकी चपेट में आएगी. कुलदीप के मुताबिक, उनकी फैक्ट्री में बहुत सारी चीजें PNG गैस से चलती हैं जनरेटर, बॉयलर और दूसरी कई प्रोडक्शन प्रोसेस भी.
अगर जंग लंभी चली तो गैस की सप्लाई हिल सकती है. दाम बढ़ सकते हैं और शॉर्टेज भी देखने को मिल सकती है. कुलदीप कहते हैं कि अगर गैस ही नहीं मिली या बहुत महंगी हो गई तो फैक्ट्री चलाना नामुमकिन हो जाएगा. गारमेंट्स की पैकिंग और शिपमेंट भी रुक सकती है. टेक्सटाइल में डाई का काम भी गैस से होता है. गैस के महंगे होने से कपड़ा खुद महंगा हो जाएगा और इसका असर सीधे कस्टमर तक पहुंचेगा. उनकी कंपनी का माल सबसे पहले अमेरिका जाता है, फिर वहां से दुनिया के दूसरे देशों में. भारत में भी उनका अच्छा-खासा रिटेल नेटवर्क है और टाटा जैसे बड़े ब्रांड के साथ काम करते हैं. लेकिन अगर सप्लाई चेन गड़बड़ा गई तो एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ेगा और नई मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी.
आज से ही दिक्कत शुरू
कुलदीप बताते हैं कि उनकी कंपनी फरीदाबाद में 1999 से चल रही है, दो प्लांट्स हैं और करीब 800 लोग काम करते हैं, स्टाफ और मजदूर दोनों. अगर हालात नहीं सुधरे और युद्ध चलता रहा तो शायद कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़े. इस बारे में वो अपने HR के साथ चर्चा भी कर चुके हैं. उनका कहना है कि अगर प्रोडक्शन और शिपमेंट में दिक्कत आई तो इतना बड़ा स्टाफ संभालना मुश्किल हो जाएगा. कुलदीप एक वाकया बताते हैं कि आज कंपनी के कीचन का गैस सिलेंडर खाली हो गया था. जब भरवाने भेजा तो एजेंसी वाले ने साफ कहा कि आगे सिलेंडर मिलना भी मुश्किल हो सकता है. जैसे-तैसे सिलेंडर भरा लेकिन इससे अंदाजा लग जाता है कि हालात अगर और बिगड़े तो मुश्किलें बढ़ेंगी ही.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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