फरीदाबाद जिले में शनिवार को एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां नौकरी छूटने के बाद डिप्रेशन में चल रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से कुछ घंटे पहले अपनी मां के साथ आखिरी बार बैठकर ख
घटना शनिवार शाम करीब 3:30 बजे फरीदाबाद के न्यू टाउन और ओल्ड रेलवे स्टेशन के बीच, न्यू टाउन स्टेशन के पास हुई। मृतक की पहचान विक्रम सिंह (उम्र लगभग 35–36 वर्ष) के रूप में हुई है। विक्रमजीत सेक्टर-10 फरीदाबाद में अपनी मां सुमन के साथ रहता था और अविवाहित था। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थाना ओल्ड फरीदाबाद पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव
पुलिस ने शव को रेलवे ट्रैक से हटवाकर एम्बुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। बाद में शव का पोस्टमॉर्टम बीके अस्पताल में कराया गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रेलवे ट्रैक, जहां क्षत-विक्षत हालत में मिला शव।
ट्रैक पर पड़ा मिला क्षत-विक्षत शव
जीआरपी पुलिस के एएसआई सूरत पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 जनवरी की रात स्टेशन मास्टर द्वारा सूचना दी गई थी कि रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। शव की शिनाख्त के लिए जांच की गई। पुलिस जांच के दौरान मृतक की जैकेट से उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ।
उसी दौरान मोबाइल पर उसकी मां सुमन का फोन आया, जिससे मृतक की पहचान विक्रमजीत सिंह निवासी सेक्टर-10 फरीदाबाद के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी और उन्हें मौके व अस्पताल बुलाया गया।
एक महीने पहले गई थी नौकरी
मृतक की मां सुमन ने पुलिस को बताया कि विक्रम सिंह एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में वर्क फ्रॉम होम काम करता था, लेकिन करीब एक महीने पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। नौकरी जाने के बाद से वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन में रहने लगा था। वह अक्सर परेशान रहता था और भविष्य को लेकर चिंतित रहता था।
मां के साथ सुसाइड विषयों पर बातें की
मां ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने बेटे के साथ बैठकर खाना खाया था। खाना खाते समय विक्रमजीत आत्महत्या से जुड़े विषयों पर बातें कर रहा था और सुसाइड करने के अलग-अलग तरीकों का जिक्र कर रहा था। इस पर मां ने उसे कई बार समझाया कि आत्महत्या करना बहुत गलत है और किसी भी समस्या का यह समाधान नहीं है। उन्होंने उसे हिम्मत रखने और हालात सुधरने की बात कहकर समझाने की कोशिश की थी।
मां के फोन करने पर नहीं उठाए
खाना खाने के बाद मां अपने कमरे में चली गई और विक्रमजीत भी अपने कमरे में चला गया। मां को लगा कि वह थोड़ी देर बाद टहलने के लिए बाहर चला गया होगा। रात में उन्होंने कई बार उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद अगले दिन आत्महत्या की सूचना मिलने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण डिप्रेशन प्रतीत हो रहा है।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
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