फरीदाबाद में एक महिला से दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में जिले की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की कोर्ट ने नहरपार हनुमान नगर भारत कॉलोनी निवासी युवक विनय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर दो लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बता दे कि यह वारदात 12 अक्टूबर 2018 की है। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। चीफ डिफेंस काउंसल एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कोर्ट में चीफ डिफेंस काउंसल एडवोकेट रविंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतका के पति कुंवरपाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। वह फरीदाबाद की एक कॉलोनी में किराए पर रहते थे और एक निजी कार शोरूम में नौकरी करते थे। उनकी 25 वर्षीय पत्नी उनके साथ रहती थी। बेड पर मिला था शव कुंवरपाल रोजाना सुबह करीब सवा नौ बजे ड्यूटी के लिए निकलते थे और शाम को करीब पौने सात बजे घर लौटते थे।12 अक्टूबर 2018 को भी कुंवरपाल सुबह ड्यूटी पर चले गए थे। शाम के समय जब उनकी साली कमरे पर पहुंची तो उसने देखा कि उसकी बहन बेड के पास मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। नाक और कान से निकल रहा था खून महिला के नाक और कान से खून निकल रहा था। यह देखकर उसने तुरंत अपने जीजा कुंवरपाल को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।पुलिस जांच में सामने आया कि नहरपार हनुमान नगर निवासी विनय का मृतका के घर अक्सर आना-जाना था। आरोपी ने जुर्म कबूल किया मृतका के पति ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने विनय को घर आने से मना कर दिया था, लेकिन वह उनकी बात नहीं मान रहा था। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि विनय का मृतका के घर नियमित आना-जाना था।पुलिस पूछताछ में आरोपी विनय ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके मृतका से अवैध संबंध थे। शादी का दवाब बना रहा थी मृतका वह उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा था। आरोपी ने बताया कि 12 अक्टूबर को मृतका के पति के ड्यूटी पर जाने के बाद वह उसके कमरे पर पहुंचा। पहले उसने महिला से दुष्कर्म किया। गला दबाकर की हत्या इसके बाद जब महिला ने शादी करने का दबाव बनाया तो उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। यही नहीं, हत्या के बाद उसने सिल बट्टे से महिला का चेहरा भी कुचल दिया और उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।
22 गवाह और 41 दस्तावेज पेश किए
इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल से खून से सना सिल बट्टा मिला, वहीं आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। ये दोनों सबूत मामले में अहम कड़ी साबित हुए। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह और 41 दस्तावेज पेश किए गए।
सभी तथ्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और बरामद सबूतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी विनय को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया।
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