फ़रीदाबाद में ADJ (एडिशनल सेशन जज) पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने 2019 के किडनैपिंग और हत्या मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अंबिका भगत, मनीष उर्फ मोनू और मधु तिवारी को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं के तहत कठोर दंड और जुर्माना लगाया। कोर्ट ने धारा 302 (हत्या) आईपीसी के तहत उम्रकैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना, धारा 364 (अपहरण) के तहत उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 (सबूत मिटाने) के तहत तीन वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 120(बी) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। पति ने 2019 में थी शिकायत मामला थाना पल्ला क्षेत्र का है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के अनुसार इस्माईलपुर (फरीदाबाद) निवासी एक व्यक्ति ने 7 मार्च 2019 को पुलिस चौकी नवीन नगर में शिकायत दी थी कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी को आरोपियों ने गायब कर दिया है। शिकायत के आधार पर थाना पल्ला में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। महिला का शव सेफ्टी टैंक में फेंका जांच के दौरान पुलिस ने 10 मार्च, 2019 को प्रसागढ़ बाजार, जिला छपरा (बिहार) निवासी अंबिका भगत, मनीष उर्फ मोनू निवासी न्युनारा, जिला बेमेतरा (छत्तीसगढ़) और उसकी मां मधु तिवारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने महिला की हत्या कर शव को दिल्ली के मोल्डबंद एक्सटेंशन स्थित किराए के मकान के सेफ्टी टैंक में फेंक दिया था। पुलिस ने बताए गई जगह से शव बरामद कर लिया। पुलिस ने कोर्ट में पेश किए अहम सबूत जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए, फोरेंसिक जांच करवाई और सभी सबूतों को कोर्ट में पेश किया। 27 मई 2019 को आरोपियों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया गया। सबूतों के आधार आरोपी दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान 27 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील डॉ. रेखा ने ठोस सबूत कोर्ट के सामने रखे। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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