फरीदाबाद के ज्यादातर इलाकों में हवा का स्तर बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है. सेक्टर 17 में हालात सबसे खराब हैं, जहां AQI 800 से ऊपर दर्ज किया गया. इसके अलावा सेक्टर 15A, सेक्टर 14, सेक्टर 82, सेक्टर 16A और सेक्टर 16 जैसे इलाकों में भी हवा का स्तर 600 से ऊपर बना हुआ है. सेक्टर 77, सेक्टर 11, सेक्टर 30, फरीदाबाद स्टेशन और न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (NIT) में भी स्थिति चिंताजनक है. इन इलाकों में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए.
हालांकि सेक्टर 37 में स्थिति कुछ हद तक बेहतर बताई जा रही है लेकिन वहां भी हवा बहुत खराब श्रेणी में है. यानी राहत जैसी कोई स्थिति नहीं है. पूरे शहर में प्रदूषण का स्तर इतना अधिक है कि लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले कई बार सोचना पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए और मास्क का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.
दूसरी ओर गुरुग्राम की हवा भी फरीदाबाद से ज्यादा अलग नहीं है. वहां औसत AQI अस्वस्थ से बहुत खराब श्रेणी के बीच बना हुआ है. खासतौर पर अरावली पार्क, डीएलएफ फेज 1, 2 और 5, गोल्फ कोर्स रोड, बेल्वेडियर टावर, सेक्टर 42, 43 और 47 जैसे इलाकों में हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. इन क्षेत्रों में प्रदूषण का मुख्य कारण PM2.5 कण बताए जा रहे हैं जो सीधे फेफड़ों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं.
गुरुग्राम के कुछ इलाकों में स्थिति गंभीर श्रेणी में है जहां AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया. सेक्टर 31, सेक्टर 14, सेक्टर 37D, चंदन विहार और फाजिलपुर झारसा जैसे इलाके इसमें शामिल हैं. कुछ क्षेत्रों में AQI थोड़ा कम जरूर है लेकिन वहां भी हवा को सुरक्षित नहीं कहा जा सकता.
कुल मिलाकर दोनों शहरों के हालात चिंताजनक बने हुए हैं. हवा इतनी खराब हो चुकी है कि आम लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है. स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों तक सभी को प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ सकती हैं. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है और प्रशासन को भी प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे.
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