गार्ड सिंहराज की कहानी
फरीदाबाद में बीते कुछ सालों में ऐसे कातिल सामने आए जिनके जुर्म की कहानी सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. बात शुरू करते हैं 31 दिसंबर 2021 की जब बीए की 22 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले ने पूरे जिले को हिला दिया था. मामला साधारण लग रहा था लेकिन जब आरोपी की पहचान हुई तो पुलिस भी हैरान रह गई. कॉलेज में काम करने वाला गार्ड सिंहराज दरअसल एक सनकी सीरियल किलर निकला. वह एक नहीं बल्कि छह हत्याएं कर चुका था जिनमें चार मासूम और किशोर उम्र की लड़कियां थीं.
जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे
पूछताछ में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस वालों तक को सन्न कर दिया. सिंहराज ने 1987 में अपने ही चाचा और चचेरे भाई की हत्या की थी. इसके बाद उसके अंदर का दरिंदा कभी रुका नहीं. दिसंबर 2019 में उसने 14 साल की एक बच्ची को मार दिया. फिर अगस्त 2020 में 12 साल की बच्ची को मौत के घाट उतारा. मई 2021 आते-आते उसने 15 साल की लड़की का कत्ल कर दिया.और 31 दिसंबर 2021 को बीए की छात्रा को गला दबाकर मार डाला. चारों मामलों में उसने बच्चियों के साथ गलत हरकत की और फिर उन्हें खत्म कर दिया. उसकी क्राइम कुंडली देखकर पुलिस ने भी कहा यह पहला सीरियल किलर था जिसे उन्होंने इतने करीब से देखा.
लेकिन फरीदाबाद में ऐसी घटनाएं यहीं नहीं रुकीं. 2024 में भी जिले ने एक और सनसनीखेज मामला देखा. नेशनल हाईवे नंबर 19 पर मेवला महाराजपुर के पास एक खंडहरनुमा निर्माणाधीन इमारत में दो शव मिलने से हड़कंप मच गया. मामला शुरू हुआ तब जब पुलिस एक युवक अविनाश के मोबाइल को ट्रेस करते हुए आमिर नाम के शख्स तक पहुंची. आमिर शुरू में मामले को टालता रहा लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद सच सामने आ गया.
आमिर ने स्वीकार किया कि वह नशे का आदी है. उसने अविनाश को नशा करने का लालच देकर उसी खंडहर में बुलायाbफिर पहली मंजिल से धक्का देकर उसका मोबाइल और पैसे लेकर भाग गया. लेकिन असली डरावना सच तब निकला जब उसने बताया कि यह उसकी पहली हत्या नहीं थी.
इससे पहले भी वह ठीक इसी जगह, इसी तरीके से एक और युवक को नशे का झांसा देकर लाया था और फिर उसे मारकर उसके शरीर में आग लगा दी थी. पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते इस साइको किलर को पकड़ नहीं लिया जाता तो वह और भी लोगों की जान ले सकता था.
पानीपत की किलर चाची
पानीपत की घटना ने आज सबको झकझोर दिया है लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि हिसार, फरीदाबाद, रोहतक प्रदेश के कई जिलों में ऐसे खतरनाक लोग पहले भी सामने आ चुके हैं. समाज के बिल्कुल बीचों-बीच छुपे हुए ऐसे साइको किलर किसी भी समय किसी को अपना निशाना बना सकते हैं.
पानीपत की किलर चाची और फरीदाबाद के सिंहराज या आमिर इन सबमें एक चीज कॉमन है… मानसिक विकृति. किसी के प्रति जलन, किसी पर अपना हक समझना, या नशे की अंधी लत… ये सब इंसान को उस अंधेरे में ले जाते हैं जहां वह अच्छी-बुरी की हर समझ खो बैठता है. और इसी अंधेरे में इंसान अपने ही आसपास के लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है.
पानीपत की घटना भले ताजा है, लेकिन उसके पीछे जो सवाल खड़े हुए हैं वही सवाल फरीदाबाद जैसी पुरानी घटनाओं ने भी उठाए थे. समाज, परिवार और सिस्टम तीनों को मिलकर ऐसे लोगों की पहचान शुरू में ही करनी होगी, वरना न जाने कितने और मासूम ऐसे लोगों की विकृति के शिकार बनते रहेंगे.
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