Faridabad News: मां-बाप अपनी जिस औलाद के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहते हैं, वही औलाद आगे चलकर अपने मां-बाप से ही मुंह मोडड लेते हैं. ऐसा ही कुछ फरीदाबाद वृद्धाश्रम में रहने वाली महिला कविता की है, जिसे सुन आप भी भावुक हो जाएंगे.
Local18 से बात करते हुए कविता चक्रवर्ती ने अपनी कहानी कैमरे के सामने बयां की. 62 साल की कोलकाता की रहने वाली कविता पिछले 40 साल से फरीदाबाद में रह रही हैं. पति का तीन साल पहले देहांत हो गया. उनका एक ही बेटा है और कोई बेटी नहीं है. बेटे की शादी हो चुकी है. एक बेटी भी है, जो 9th क्लास में पढ़ती है. कविता ने बताया कि मैं सेक्टर-29 फरीदाबाद में रहती थी. उनके पति पंडित थे और मंदिरों में पूजा-पाठ कराते थे.
बेटे ने बहू की मानी बात
कविता ने बताया कि बेटे-बहू ने साफ कह दिया कि अब उन्हें घर में रखने की हिम्मत नहीं है. बहू ने जो कहा, बेटे ने वही किया. आखिरकार बेटे ने उन्हें वृद्धाश्रम भेज दिया. कविता जी साफ कहती हैं कि बहू ने घर से निकाल दिया और बेटा भी बहू की बात में ही रहा. वृद्धाश्रम में कोई खास दिक्कत नहीं है, खाना-पीना समय पर मिलता है और सब ठीक है. लेकिन मन का अकेलापन सबसे ज्यादा खलता है.
कविता जी की कहानी सुनकर यही समझ आता है कि आजकल कई बच्चे अपने मां-बाप की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं. जिन मां-बाप ने सारी उम्र बच्चों के लिए सब कुछ किया, वही बच्चे अपने मां-बाप के बुढ़ापे में उन्हें अकेला छोड़ जाते हैं. कविता के साथ भी यही हुआ.
आजकल की औलाद स्वार्थी
ये कहानी हर उस इंसान के लिए सीख है जो अपने माता-पिता के लिए समय नहीं निकालता या उनका साथ देने से कतराता है. आजकल की औलाद कितनी स्वार्थी हो गई है. बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी परंपरा है. मां-बाप ने हमारे लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा दी, उनका साथ देना, उनकी देखभाल करना, यही हमारा असली फर्ज है. इस कलयुग में सबकुछ उल्टा हो रहा है.
कविता ने कहा कि वृद्धाश्रम में रहना अब उनके लिए मुश्किल नहीं है, लेकिन दिल में जो खालीपन है, वह हर समय महसूस होता है. उनके शब्द हम सबके लिए एक चेतावनी हैं कि माता-पिता के एहसान को भूलना सबसे बड़ा गुनाह है.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.