फरीदाबाद जिले की कोर्ट ने 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने आरोपी सुमित को दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कारावास की सजा और 67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि इसी प्रकरण में दर्ज दुष्कर्म का आरोप सुनवाई के दौरान साबित नहीं हो सका, जिसके चलते उस आरोप से आरोपी को राहत मिली। महिला को शिकार था ठगी का शिकार बता दे कि मामला वर्ष 2019 का है। जहां बड़खल विधानसभा क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने घर से डे केयर सेंटर संचालित करती थी। पड़ोस में रहने वाले सुमित का बेटा उसके डे केयर सेंटर में आता-जाता था। इसी बहाने सुमित भी महिला के संपर्क में आया और दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। मुनाफे का दिया लालच शिकायत के अनुसार, सुमित ने महिला को बताया कि उसे पुरानी मशीनों को ठीक कर बेचने का अनुभव है और यदि वह निवेश करे तो अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। शुरुआत में महिला ने आरोपी को एक लाख रुपये दिए, जो उसने कुछ समय बाद लौटा दिए। निवेश के नाम पर लिए 4 करोड़ इसके बाद मशीन ऑर्डर करने के नाम पर तीन लाख रुपये लिए और 15 हजार रुपये लाभ के साथ वापस कर दिए। इससे महिला का आरोपी पर विश्वास और मजबूत हो गया। इसके बाद आरोपी ने बड़े निवेश के नाम पर अलग-अलग किस्तों में महिला से करीब चार करोड़ रुपये ले लिए। परिचितों से उधार लेकर दी राशि महिला ने यह राशि अपने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर आरोपी को दी थी। जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा और पैसे लौटाने से इंकार करने लगा। महिला का आरोप था कि अगस्त 2019 में जब वह पैसे मांगने गई तो आरोपी ने पिस्तौल के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में एनआईटी महिला थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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