दुकान के मालिक संजय अदलखा ने Local18 से बातचीत में बताया कि 1961 से उनका परिवार ये काम कर रहा है. दादाजी ने शुरू किया, फिर पापा ने संभाला और अब मैं देख रहा हूं. हमारी सबसे बड़ी कोशिश यही रहती है कि ग्राहक का स्वाद कभी न बदले. इसी वजह से 65 साल में कभी कोई शिकायत नहीं आई. शुरू में डोसा छोले से सबका दिल जीता, लेकिन अब टिक्की-छोले यहां की पहचान बन गए हैं.
बेहद दिलचस्प है दुकान का इतिहास
इनकी टिक्की छोले की खास बात यह है कि आलू की टिक्की जो सरसों के तेल में तली जाती है, छोले के मसाले घर पर ही तैयार करते हैं. संजय मुस्कराते हुए कहते हैं कि मसालों का जादू ही हमें सबसे अलग बनाता है. लोग इसी स्वाद के लिए बार-बार यहां आते हैं.
दुकान का इतिहास भी कम दिलचस्प नहीं है. दादाजी पाकिस्तान में यही काम करते थे. बंटवारे के बाद वो इंडिया आए और यहां फिर से व्यापार शुरू किया. रेडी से रेस्टोरेंट तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन लोगों का प्यार हमेशा बना रहा. टिक्की छोले की एक प्लेट 40 रुपए में और बड़ी प्लेट 50 रुपए में मिलती है. रोज करीब 300 से 400 प्लेट बिक जाती है. खास बात ये है कि खाने के बाद छोले का पानी लोग बड़े चाव से पीते हैं. कुछ तो सिर्फ इसे पीने आते हैं.
3 राज्य के कारीगर करते हैं काम
अब सोशल मीडिया के जमाने में इस दुकान की पहचान और फैल गई है. दिल्ली-एनसीआर से लोग स्वाद चखने आते हैं. दुकान सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है. यहां 12 से 13 लोग काम करते हैं. कोई बिहार से, कोई यूपी से, कोई फरीदाबाद से यहां आता है. पुराने स्टाफ और पुराने तरीके की रेसिपी ही इस दुकान की असली पहचान है.
ग्राहकों की भी अपनी कहानियां हैं. किशोर कुमार जो जवाहर कॉलोनी से आते हैं, वह कहते हैं कि 1990 से मैं यहां आ रहा हूं. पढ़ाई के दिनों से जब भी समय मिलता, यहीं आता था. ऐसा स्वाद पूरे फरीदाबाद में कहीं नहीं मिलता. वहीं सेक्टर-28 के राकेश शेट्टी कहते हैं कि यहां की टिक्की-छोले सचमुच बेहतरीन हैं. मैं 4-5 साल से रेगुलर आ रहा हूं. सर्विस भी बढ़िया है और वो सरसों के तेल वाली टिक्की उसका स्वाद ही अलग है.
ग्राहक और स्वाद ही असली ताकत
संजय साफ कहते हैं कि ग्राहक और स्वाद ही हमारी असली ताकत है. हर प्लेट में वही मेहनत और प्यार है, जो दादाजी ने शुरू किया था. शायद इसी वजह से छोटी रेडी से लेकर आज तक दुकान इतने सालों में सबका दिल जीतती रही है. फरीदाबाद के NIT मार्केट पहुंचो, तो टिक्की-छोले और डोसा-छोले जरूर ट्राय करना, खाना और छोले का पानी तुम्हें वापस आने पर मजबूर कर देगा.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.